Acharya Pramod krishnam ने TMC नेताओं पर हो रहे हमलों को लेकर कहा- बंगाल में शुरू हुआ 'सम्मान समारोह'"
Jun 1, 2026, 19:33 IST
RNE New Delhi.
- Synopsis : पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी और सांसद कल्याण बनर्जी पर हुए कथित हमलों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने टीएमसी पर तीखा हमला बोलते हुए विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं का “सम्मान समारोह” शुरू हो गया है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि उन्हें पहले से उम्मीद थी कि बंगाल की जनता टीएमसी नेताओं को जवाब देगी, लेकिन इतनी जल्दी हालात बदल जाएंगे, इसकी उन्होंने कल्पना नहीं की थी। उन्होंने दावा किया कि राज्य में हाल के घटनाक्रमों के बाद वे नेता भी असहज और चिंतित हैं, जो अब तक हिंदुत्व और सनातन धर्म के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं।
"कांटे बोए बबूल के तो आम कहां से खाए"
टीएमसी नेताओं पर हुए कथित हमलों के सवाल पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि यह स्थिति अचानक पैदा नहीं हुई है। उन्होंने कहा, *"कांटे बोए बबूल के तो आम कहां से खाए"*। उनके अनुसार यह उन घटनाओं और कथित अत्याचारों की प्रतिक्रिया है, जिनका आरोप लंबे समय से राज्य सरकार और टीएमसी पर लगाया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल में लंबे समय से असंतोष का माहौल बन रहा था और अब उसका असर राजनीतिक घटनाक्रमों में दिखाई देने लगा है।
TMC का समापन समारोह जल्द :
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हालिया विधायकों की बैठक में कई जनप्रतिनिधियों के अनुपस्थित रहने की खबरों पर भी आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि टीएमसी का अब "जन-गण-मन" हो चुका है और पार्टी का "समापन समारोह" भी जल्द देखने को मिल सकता है। संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान द्वारा कथित तौर पर 'वंदे मातरम्' का विरोध किए जाने के मुद्दे पर भी आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की भावनाएं पाकिस्तान, तालिबान या बांग्लादेश के प्रति हैं, वे स्वाभाविक रूप से 'वंदे मातरम्' का समर्थन नहीं करेंगे।
विपक्ष पर लगाया समाज को बांटने का आरोप :
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्षी दलों पर भी हमला बोलते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दलों की प्राथमिकता केवल सत्ता हासिल करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास और जनहित के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय कुछ नेता समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम के इन बयानों के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। टीएमसी और विपक्षी दलों की ओर से इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।