Arvind Kejriwal : मैं कट्टर ईमानदार, शराब घोटाला केस आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड़यंत्र
जांच एजेंसियों की जांच पर बड़ा सवाल, सारे आरोपी बरी!
RNE New Delhi.
‘मैं भ्रष्ट नहीं..कट्टर ईमानदार हूं.. शराब घोटाले का केस फर्जी था... हमें हराने के लिए यह षड़यंत्र रचा गया था...’ कहते-कहते दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फफक पड़े। वे इतने भावुक हो गए कि गले से आवाज तक नहीं निकल पाई। संभलकर बोले, मैंने अपनी जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज यह साबित हो गया कि इन्होंने झूठा केस लगाया। कोर्ट ने कहा है, केजरीवाल कट्टर ईमानदार है। मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार है और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है।’
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कभी रोते, कभी संभलते, कभी भावुक होते और कभी आक्रामक होते ये बातें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को मीडिया के सामने कही। यह मौका था दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से शराब घोटाले पर आए फैसले के बाद का। कोर्ट ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया। ऐसे में जहां केस दाखिल करने की नीयत पर सवाल उठने लगे हैं वहीं जांच एजेंसिया की जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं।
AAP को राहत, राजनीति उथल-पुथल :
अदालत के इस फैसले को आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए बड़ी कानूनी और राजनीतिक राहत माना जा रहा है। फैसले के बाद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कई वर्षों से BJP लगातार “शराब घोटाला” कहकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रही थी, लेकिन अदालत ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड़यंत्र :
केजरीवाल ने इस मामले को “आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र” करार देते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी को खत्म करने के उद्देश्य से उसके शीर्ष नेताओं को जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि एक सिटिंग मुख्यमंत्री को उसके घर से गिरफ्तार कर छह महीने जेल में रखा गया और मनीष सिसोदिया को करीब दो साल तक कारावास झेलना पड़ा। 24 घंटे टीवी चैनलों पर कहा गया कि केजरीवाल भ्रष्ट है। आज कोर्ट ने सच सामने रख दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के लिए इस तरह संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।