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Ashok Gehlot की भजनलाल को सलाह- कम बोलो, ऐसा बोलो कि मैसेज नीचे तक जाएं।
 

 

Rudra News Express Bikaner. 

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंगलवार को बीकानेर पहुंचे। यहाँ उन्होंने पंचायत चुनाव की पहली जनसभा को संबोधित किया। इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में राजस्थान की भजनलाल सरकार पर जमकर हमले बोले। 

गहलोत ने भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या का जिक्र कर कहा, "ये कोई मामूली घटना नहीं है। किन शब्दों में कहूं मुख्यमंत्री को, जब गृह मंत्री आप हो। जहां हत्या हुई वह आपका गृह जिला है। इतना ही नहीं राज्य के गृहराज्य मंत्री भी इसी जिले के हैं। इसके बावजूद एक पूर्व विधायक के यूं हत्या हो जाना बहुत चिंताजनक है।” 

जयपुर के नरैना पुलिस थाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक कृष्ण अवतार के साथ पुलिस कस्टडी में बर्बरता और अमानवीय व्यवहार पर भी गहलोत ने सरकार को घेरा। कहा, जब राज्य में RSS के प्रचारकों को थाने में पीटा जा रहा है। पूर्व विधायक की हत्या हो रही है। ऐसे में राजस्थान किसके भरोसे रहे। 

भजनलाल को सलाह-‘मुख्यमंत्रीजी, कम बोलो, लेकिन ऐसा बोलो कि संदेश नीचे तक जाए’

पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बैठकों और दौरों की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बैठकें लेने और दौरे करने का शौक है, लेकिन इनका असर प्रशासनिक तंत्र में दिखाई देना चाहिए। बैठकों में चार-पांच घंटे लगते हैं और मुख्यमंत्री स्वयं दो घंटे बोलते हैं।  मुख्यमंत्री की बातों का ऐसा प्रभाव होना चाहिए कि कलेक्टर, एसडीओ और थानेदार तक स्पष्ट संदेश पहुंचे तथा प्रशासनिक अधिकारियों में जवाबदेही का भाव पैदा हो।

पुलिस ने पार्षदों को उठाया, ऐसी धांधली कभी नहीं देखी : 

पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान में चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। कहा, पुलिस ने पार्षदों को उठाया और उनके परिवारों को परेशान किया। ये राजस्थान की राजनीति के लिए खतरनाक स्थिति है। चुनावों के दौरान परिसीमन से लेकर मतदाता सूची में बदलाव तक गड़बड़ियां हुईं। इसी मॉडल को असम में भी लागू किया गया था। ऐसे में पंचायत चुनावों को लेकर भी सरकार की नीयत पर सवाल हैं।पंचायत चुनावों में अंतराल रखे जाने के पीछे भी मंशा पर सवाल उठते हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री से बातचीत भी की है।