हर नेता का अपना आंकलन, हर नेता का अलग बयान, बयानों की बहार
RNE Special.
बिहार के बांकीपुर में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर की जीत को लेकर उतने बयान नहीं आ रहे, जितने भाजपा की हार को लेकर आ रहे हैं। उसकी भी अपनी वजह है, क्योंकि इस सीट पर चुनाव भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के कारण हुआ है।
यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की परम्परागत सीट है। वे खुद इस सीट से 5 बार चुनाव जीते हैं। अनेक बार तो जीत का अंतर बहुत ज्यादा रहा है। इस बार भाजपा को यहां पहली बार हार का मुंह देखना पड़ा है।
बांकीपुर में भाजपा के हारते ही उस पर विपक्ष भी हमलावर हो गया है। वो पीएम नरेंद्र मोदी व बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी घेरने में लगे हुए हैं।
भाजपा से मोहभंग हुआ : प्रियंका
कांग्रेस महासचिव व सांसद प्रियंका गांधी ने बांकीपुर व दतिया की हार पर कहा कि जनता का अब भाजपा से मोहभंग हो चुका है। जनता इनकी असलियत जान चुकी है और अब इनके भाषणों व नारों के चक्कर में नहीं आयेगी। प्रियंका ने कहा कि भाजपा से जनता के दूर होने का सिलसिला अब शुरू हो गया है। जनता इनको पहचान चुकी।
लोग ज्यादा खुश न हों : गिरिराज
केंद्रीय मंत्री व बिहार के नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि हम जनता के निर्णय का सम्मान करते हैं और उसे मन से स्वीकार करते हैं। हम इस पर मंथन करेंगे। उनका कहना था कि मगर मैं लोगों को कहना चाहता हूं कि वे ज्यादा खुश न हों। उनके लिए यह खुशी की बात नहीं है।
यह सम्राट चौधरी की हार : प्रशांत
बांकीपुर से विजयी हुए जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा कि यह जनता की जीत है। उसने साफ संदेश दिया कि सम्राट चौधरी उनको सीएम के रूप में स्वीकार्य नहीं है। यह एनडीए की हार है। मुझे बांकीपुर के बहुत से उन लोगों ने भी वोट दिया जो भाजपा के थे, उसका अर्थ यही है कि अब बिहार की उपेक्षा सहन नहीं है।
बिहार में विपक्ष नहीं : पप्पू यादव
बिहार के पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने बांकीपुर की हार पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर तंज किया है। उनका कहना था कि बिहार में विपक्ष है ही नहीं। न कोई आंदोलन, न संघर्ष, न जनता की बात। विपक्ष के नेता तो दिन हो रात, अपने में ही मस्त रहते हैं। विकल्पहीनता के कारण ही जन सुराज पार्टी को जीत मिली।