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कांग्रेस के भीतर की गुटीय राजनीति चौड़े आई, आपस की टकराहट से भाजपा को राहत की उम्मीद

स्व डूडी अब भी पंचायत चुनाव के केंद्र में, यह तो तय
प्रदेश कांग्रेस के सामने दुविधा की स्थिति, कैसे रोके बिखराव ?
 

मधु आचार्य ' आशावादी '

RNE Special.
 

पंचायत चुनाव की बिसात बिछ गई है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीकानेर की ग्रामीण राजनीति में एक गर्माहट आ गयी है। इस गर्माहट के केंद्र में एक बार फिर दिवंगत किसान नेता व ग्रामीण राजनीति में अपना दबदबा रखने वाले स्व रामेश्वर डूडी ही है। पिछले 25 साल से पंचायत राज की बीकानेर की राजनीति उनके ही इर्द गिर्द घूमती रही है। कुछ समय पहले उनका निधन हो गया। मगर पंचायत चुनाव आते ही एक बार फिर से वे ग्रामीण राजनीति के केंद्र में आ गए है।

चर्चा का एक सिरा दिवंगत किसान केसरी स्व रामेश्वर डूडी है तो दूसरे सिरे पर भी चाहे जो वजह बने मगर चर्चा में रहने वाले पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल है। वे अपने बयानों के वीडियो, ऑडियो से सदा चर्चा पाते रहे है। इस बार भी सियासत गर्म होने की वजह स्व डूडी व मेघवाल है।

इन नेताओं के मध्य राजनीति में सदा छतीस का आंकड़ा रहा है। मगर एक लंबी अवधि तक कोमा में रहे डूडी और अंततः दुनिया को अलविदा कह दिया। उनकी ग्रामीण क्षेत्र में लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब वे बीमार थे, कोमा में थे तब पार्टी ने नोखा से उनकी धर्मपत्नी सुशीला डूडी को उम्मीदवार बनाया। वे चुनाव जीत भी। उनके निधन के समय जिस तरह से ग्रामीण क्षेत्र से लोग गमगीन होकर उमड़े, वो उनकी गहरी पैठ की अभिव्यक्ति थी। इससे डूडी के ग्रामीण क्षेत्र में वर्चस्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। उनकी इस लोकप्रियता से पार्टी के भीतर ही उनके अनेक विरोधी नेता थे। वजह, जिला प्रमुख वही बनता जिसे वो चाहते। वही चुनाव इस बार भी है। उससे पहले फिर यह सियासत गर्म हुई है।

वीडियो वायरल, चौड़े आई दूरियां:

हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ। जिसे पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल का बताया जा रहा है। मेघवाल ने उसे एडिटेड वीडियो बताते हुए मुकदमा भी दर्ज कराया है। मगर इस वीडियो में बोली गयी बातें, राजनीतिक गर्माहट व छींटाकशी वाली है।

इस वीडियो में किसान नेता स्व रामेश्वर डूडी पर बहुत कुछ बोला गया है। पूर्व मंत्री डॉ बी डी कल्ला व कांग्रेस से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल पर भी अशोभनीय बोला गया है। डूडी समर्थक इससे भड़क गए है। उनका आरोप है कि यह वीडियो गोविंद मेघवाल का है और उन्होंने डूडी पर अनुचित बातें कमजोर भाषा में बोली है। 

डूडी समर्थकों की नाराजगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने गोविंद मेघवाल की शिकायत पार्टी नेतृत्त्व को भी की है। कार्यवाई न होने पर पदों से इस्तीफे देने की घोषणा की है। गोविंद मेघवाल पर कार्यवाई की मांग करने वालों में देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिसनाराम सियाग, यूथ कांग्रेस के देहात अध्यक्ष, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल व नोखा विधायक तथा स्व डूडी की धर्मपत्नी सुशीला डूडी शामिल है। इन ल9गयं ने सार्वजनिक रूप से मेघवाल का विरोध किया है। कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी इस प्रकरण से चौड़े आ गयी है।

मेघवाल की सफाई, डूडी समर्थक नाराज:

वहीं यह वीडियो सामने आने और डूडी समर्थकों के गोविंद मेघवाल के विरोध में उतरने के बाद मेघवाल की तरफ़ से स्पष्टीकरण भी आया। जिसमे उन्होंने पूरा आरोप सांसद व केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के पुत्र रविशेखर मेघवाल पर लगाया है। डूडी समर्थकों को उनका तर्क हजम नहीं हो रहा। वे तो पार्टी आलाकमान तक इस मामले को ले जा चुके है और झुकने या चुप रहने को तैयार नहीं। देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिसनाराम सियाग ने यही संकेत दिया है। इस पूरे प्रकरण में मेघवाल के समर्थन में कोई नही आया, हालांकि वे पूर्व सीएम अशोक गहलोत से भी मिले है। इस पूरे प्रकरण पर पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी, वीरेंद्र बेनीवाल, राजेन्द्र मूंड, मंगलाराम गौदारा, डॉ बी डी कल्ला, यशपाल गहलोत आदि ने खुलकर कुछ नहीं कहा है। मगर यह विवाद आसानी से हल होता नहीं दिखता। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद डोटासरा की परेशानी इससे बढ़ी है।

भाजपा को राहत जरूर है:

इस पूरे प्रकरण में लड़ाई कांग्रेस वर्सेज कांग्रेस है, जाहिर है हानि भी कांग्रेस को ही होनी है। पंचायत चुनाव में प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। पंचायत राज चुनाव में सदा कमजोर प्रदर्शन करने वाली भाजपा को इससे जरूर राहत मिली है। 

 

कुल मिलाकर एक बार फिर पंचायत राज चुनाव के केंद्र में फिर से दिवंगत रामेश्वर डूडी आ गए है। इसका असर चुनावी गणित पर भी पड़ना तय है।