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कर्नाटक में सत्ता की खामोश जंग, पुरानी पीढ़ी के रिटायर होने की बात कही थी गडकरी ने

 

RNE Network.

अपने बेबाक बोल, सैद्धान्तिक बात कहने में न हिचकने वाले केंद्रीय मंत्री व भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी एक बार फिर अपने बयान से चर्चा में है। यह बयान उन्होंने रविवार को नागपुर में एसोसिएशन फ़ॉर इंडस्ट्रियल डवलपमेंट इवेंट के दौरान दिया था।
 

इस आयोजन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जब नये लोग ठीक से गाड़ी चलाने लगे तो सीनियर लोगों को दूसरा काम करना  चाहिए। पुरानी पीढी के लोगों को धीरे धीरे रिटायरमेंट ले लेना चाहिए। उन्हें नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए और उनका मार्गदर्शन करना चाहिए।
 

बयान के मायने तलाशे जा रहे:
 

नितिन गडकरी का यह बयान उस समय आया है जब युवा नितिन नबीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन रहे है। इससे पहले नानाजी देशमुख भी राजनीति में रिटायरमेंट की उम्र तय करने का मुद्दा उठा चुके है। उन्होंने मुद्दा उठाया ही नही , राजनीति से रिटायरमेंट ले भी लिया था।
 

बाद में, 70 या 72 या 75 साल की उम्र के बाद सक्रिय राजनीति छोड़ने की बात भी उठी। संघ प्रमुख मोहन भागवत जी ने भी ये बात कही। अब गडकरी ने यह बयान देकर फिर से एक नई बहस को जन्म दिया है। गडकरी का यह बयान अभी सबसे अधिक चर्चा में है और जनता में वायरल है।