गहलोत ने फिर बोला मानेसर पर ..., गहलोत के बयान से फिर गर्माई कांग्रेस की सियासत, पायलट खेमे की तरफ इशारा
RNE Network.
आलाकमान की समजाईश, चेतावनी, आपस की सौहार्द्र बैठकों के बाद भी कांग्रेस शासनकाल का मानेसर प्रकरण थोड़े थोड़े समय बाद फिर जीवित हो उठता है। उस समय के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मानेसर का उल्लेख कर पायलट खेमे पर प्रहार भाजपा के बहाने कर देते है।
कांग्रेस में जब भी सियासी हलचल थोड़ी थमती है, तब तब पूर्व सीएम गहलोत एक बार फिर 2020 के राजनीतिक संकट का जिक्र कर माहौल गर्मा देते है। मानेसर गये विधायकों की याद दिलाते हुए वे अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं के साथ भाजपा के शीर्ष नेतृत्त्व पर निशाना साधते है। माना जा रहा है कि गहलोत के इन बयानों से गुटबाजी फिर उभर जाती है।
गहलोत ने नागौर जिले के डीडवाना में मंगलवार को यह बयान देकर पुराने जख्म कुरेद दिए , जिसके प्रदेश कांग्रेस में अलग अलग सियासी मायने निकाले जा रहे है।
बिना नाम लिए निशाना साधा:
गहलोत ने 2020 के संकट को याद करते हुए बिना नाम लिए भाजपा व पायलट खेमे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी सरकार को गिराने के लिए पार्टी के विधायकों को भड़काकर मानेसर ले जाया गया। यह संकट भाजपा के केंद्रीय नेतृत्त्व की देन था। जिसका खमियाजा उनकी सरकार को 34 दिन होटल में रहकर भुगतना पड़ा। आज सीएम भजनलाल व मदन राठौड़ कहते है कि हमारी सरकार होटलों से चली। उन्होंने भाजपा की लीडरशिप पर सरकार गिराने के लिए आरोप लगाते हुए कहा कि इन्होंने करोड़ो रूपये खर्च किये।
सरकार तो बच गयी:
महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश व कर्नाटक का उदाहरण देते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि वहां सरकारें गिर गयी। लेकिन राजस्थान एकमात्र ऐसा राज्य था जहां उनकी सरकार बच गयी।