गहलोत ने गोविंद डोटासरा की नाराजगी से किया इंकार, गहलोत बोले, अध्यक्षजी ने कोई नाराजगी नहीं जताई
RNE Network.
कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी थमने का नाम ही नहीं ले रही है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत व पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट तो आमने सामने है ही, अब गहलोत व पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा भी आमने - सामने हो गए हैं। इस तरह कांग्रेस में गुटबाजी बढ़ गयी है और तीव्र भी हो गयी है।
अवसर का बांसवाड़ा के नेता महेन्द्रजीत सिंह मालवीय के साथ वहां के कार्यकर्ताओं की कांग्रेस में जॉइनिंग। ये लोग पहले गहलोत के निवास गए, आयोजन हुआ। नारे लगे - चौथी बार गहलोत सरकार। ये लोग उसके बाद पीसीसी डोटासरा के पास पहुंचे। तब डोटासरा ने ईशारों में गहलोत पर बोलते हुए कह दिया कि कांग्रेस में व्यक्तिपूजा सही नहीं। मैं पार्टी यानी संगठन की पूजा करने वालों में विश्वास करता हूं। यह गहलोत पर सीधा कटाक्ष था।
अब अशोक गहलोत की सफाई:
कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा के व्यक्तिगत ब्रांडिंग वाले बयान के बाद शुरू हुए सियासी विवाद पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कल सफाई दी। उन्होंने कहा कि कल कोई जॉइनिंग नहीं थी। जॉइनिंग नेताओं की होती है, कार्यकर्ताओं की नहीं। साथ ही कहा कि अध्यक्षजी ने कोई नाराजगी नहीं जताई है। कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। नाराजगी न उनकी है और न मेरी।
वो तो उन्होंने जो महसूस हुआ वो उन्होंने बता दिया। गहलोत ने कहा कि पूर्व मंत्री मालवीय के साथ आये लोग कार्यकर्ता थे। वे केवल मिलने आये थे और बाद में पीसीसी अध्यक्ष से मिलने वाले थे। न जॉइनिंग हुई , न इसकी कोई चर्चा थी। कार्यकर्ता आते - जाते रहते हैं, उनका स्वागत होना चाहिए।
वहीं, डोटासरा के बयान के बाद कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप चौधरी ने बिना नाम लिए कहा, ेरे- गेरे नत्थुखेरे कुछ बन जाते हैं तो पागल हो जाते हैं। संदीप चौधरी गहलोत के समर्थक माने जाते हैं।