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Kotegate-Sankhla Rail Crossing : कल्ला के सुझाव पर रेलवे का जवाब-दो तरफा होगा कोटगेट RUB, सांखला RUB के साथ फुट ओवरब्रिज बनेगा!

Nal से Bikaner (Cant) Rail Bypass के लिए रेलवे ने किया इनकार !

 

बीडी कल्ला की आपत्ति के बाद कोटगेट अंडरब्रिज के डिजाइन पर रेलवे का जवाब, सांखला फाटक पर फुट ओवरब्रिज का प्रस्ताव। एकतरफा अंडरब्रिज से राहत नहीं मिलने की जताई थी आशंका, अब 2×4×2.5 मीटर के RUB का उल्लेख; जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम और पंपिंग स्टेशन की योजना

 

Rudra News Express Bikaner. 

बीकानेर के कोटगेट और सांखला रेलवे फाटक पर प्रस्तावित अंडरब्रिज के डिजाइन को लेकर पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला की ओर से उठाई गई आपत्तियों के बाद रेलवे ने तकनीकी स्थिति स्पष्ट की है। उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल ने अपने  जवाब में कोटगेट पर दोतरफा यातायात के लिए रोड अंडरब्रिज (RUB), सांखला फाटक पर फुट ओवरब्रिज और अंडरब्रिज में जलभराव रोकने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम तथा वाटर पंपिंग स्टेशन की योजना का उल्लेख किया है।

डॉ. कल्ला ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर दोनों रेलवे फाटकों की प्रस्तावित योजनाओं में बदलाव की मांग की थी। इसके साथ ही रेलमंत्री से बीकानेर में मिलकर भी व्यावहारिक पक्ष पर बात की थी। उनका कहना था कि अंडरब्रिज का डिजाइन ऐसा होना चाहिए, जिससे बीकानेर के लोगों को वास्तविक राहत मिले और रेलवे फाटक बंद होने के कारण लगने वाले जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

 

कोटगेट पर एकतरफा अंडरब्रिज से जताई थी आपत्ति : 

डॉ. कल्ला के अनुसार, उत्तर पश्चिम रेलवे के डीआरएम और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता से बातचीत में सामने आया था कि कोटगेट रेलवे फाटक पर प्रस्तावित अंडरब्रिज मात्र चार मीटर चौड़ा और एकतरफा यातायात के लिए था। उन्होंने कहा था कि ट्रेन आने पर मुख्य रेलवे फाटक पहले की तरह बंद रहेगा और एकतरफा अंडरब्रिज बनने से दोनों ओर के यातायात को एक साथ सुचारु रखने का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

कल्ला ने यह भी कहा था कि बीकानेर के रेलवे फाटक दिन में लगभग 52 बार बंद होते हैं। ऐसे में उन्होंने जनहित में दोतरफा अंडरब्रिज बनाने और जलभराव रोकने के लिए भूमिगत ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की मांग की थी।

कोटगेट : दोतरफा यातायात का इंतजाम : 

रेलवे ने माना है कि डॉक्टर बी डी कल्ला की ओर से 07 जून 2026 को दिए गए पत्र में  आपत्ति एवं सुझाव के आधार पर उच्च स्तरीय मीटिंग में चर्चा हुई। इस चर्चा में तय हुआ है कि कोटगेट रेलवे फाटक पर 2×4×2.5 मीटर आकार का RUB बनाया जाएगा। इसमें दो तरफा यातायात का इंतजाम होगा। 

सांखला रेलवे फाटक पर फुट ओवर ब्रिज : 

इसके साथ ही सांखला रेलवे फाटक को लेकर डॉ. कल्ला की आपत्ति थी कि प्रस्तावित योजना में फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दीवार बनाने से स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित होगा। उन्होंने कहा था कि अंडरब्रिज का निकास स्टेशन रोड की मटका गली से होते हुए बिन्नाणी बिल्डिंग के पास प्रस्तावित होने से पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और दोपहिया वाहन चालकों को फड़ बाजार तथा आसपास के क्षेत्रों में जाने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। उन्होंने मांग की थी कि वहां दीवार नहीं बनाई जाए, ताकि लोगों का पारंपरिक आवागमन बाधित न हो। रेलवे के जवाब में सांखला फाटक पर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए RUB के साथ 4×2.5 मीटर आकार का फुट ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।

जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज और पंपिंग स्टेशन : 

बीकानेर में बारिश के दौरान अंडरब्रिज में पानी भरने की समस्या को देखते हुए डॉ. कल्ला ने भूमिगत ड्रेनेज सिस्टम बनाने की मांग की थी। रेलवे के जवाब में आधुनिक भूमिगत ड्रेनेज सिस्टम और वाटर पंपिंग स्टेशन को मुख्य योजना का हिस्सा बनाने का उल्लेख है। पत्र में जलभराव रोकने के लिए आरसीसी बॉक्स की ग्रेडिंग को सील करने, अतिरिक्त या नया सम्प बनाने, बाहरी पानी रोकने के लिए आरसीसी प्रोटेक्शन वॉल और क्रॉस ड्रेन बनाने, प्रोटेक्शन वॉल की लंबाई और ऊंचाई बढ़ाने तथा जरूरत के अनुसार नालों और तालाबों तक पाइपलाइन बिछाने जैसे उपाय बताए गए हैं।


लालगढ़ बाईपास का विकल्प रेलवे ने नहीं माना : 

डॉ. कल्ला ने बीकानेर-लालगढ़ रेल दोहरीकरण और विद्युतीकरण परियोजना के लिए वैकल्पिक रेल मार्ग का सुझाव भी दिया था। उनका तर्क था कि मौजूदा मार्ग पर भूमि अधिग्रहण से रेलवे पर करीब 200 से 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ सकता है और कानूनी विवाद भी उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया था कि लालगढ़ से नाल तक पहले से मौजूद बड़ी रेल लाइन को उदयरामसर होते हुए बीकानेर कैंट के प्रस्तावित नए रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाए। उनके अनुसार, इस विकल्प पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था और इससे बीकानेर को दो वैकल्पिक रेल मार्ग भी मिल सकते थे। इस पर रेलवे ने कहा है कि नाल रेलवे स्टेशन को बीकानेर कैंट के प्रस्तावित नए स्टेशन से जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग तकनीकी कारणों से संभव नहीं है।