Loksabha : Om Birla के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, बहस हुई तो बिरला आज अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे
RNE New Delhi.
संसद में बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है और पहला ही दिन काफी हंगामेदार और महत्वपूर्ण रहने का अनुमान है। इसकी वजह यह है कि कांग्रेस की ओर से आज संसद मंे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव लाना प्रस्तावित है। ऐसे मंे अगर यह प्रस्ताव आता है तो इस पर बहस होगी। बहस काफी हंगामेदार हो सकती है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि यदि यह प्रस्ताव आया और इस पर बहस हुई तो आज लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला आसन की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। उन्हें बाकी संसद सदस्यों के साथ बैठना होगा।
आज से बजट सत्र का दूसरा चरण, 02 अप्रैल तक चलेगा :
दरअसल संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है। यह चरण अगले महीने की दो तारीख तक चलेगा। ऐसे में आज पहले दिन लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा होनी है। कांग्रेस के तीन सांसद मोहम्मद जावेद, के.सुरेश और मल्लु रवि यह प्रस्ताव रखेंगे। यदि आज लोकसभा में इस प्रस्ताव पर चर्चा होती है तो श्री ओम बिरला सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं करेंगे और सदस्यों के साथ बैठेंगे। विदेशमंत्री डॉ. एस. जयशंकर को भी आज लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देना है। राज्यसभा में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा होगी।
50 सांसदों का समर्थन जरूरी :
संसदीय नियमों के अनुसार जब चेयर इस नोटिस को बुलाती है और सदन के कम से कम 50 सदस्य इसके समर्थन में खड़े हो जाते हैं, तभी इसे स्वीकार माना जाता है। इसके बाद प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा होती है और फिर मतदान कराया जाता है। यदि 50 सांसद समर्थन में खड़े नहीं होते, तो प्रस्ताव पेश ही नहीं किया जा सकेगा। इसी लिहाज से सत्ता और विपक्ष दोनों ने ही अपने सांसदों को सदन में रहने के लिए व्हिप जारी की है।
जानिए क्यों लाया जा रहा यह प्रस्ताव :
विपक्षी दल Indian National Congress के सांसद Mohammed Javed, K. Suresh और Mallu Ravi ने यह नोटिस दिया है। प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि स्पीकर ने सदन में विपक्ष के नेता और अन्य विपक्षी सांसदों को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया और कुछ महिला सांसदों पर आरोप लगाए। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि स्पीकर कई विवादित मामलों में सत्तारूढ़ दल Bharatiya Janata Party के पक्ष में खड़े नजर आते हैं, जिससे सदन की निष्पक्षता और कार्यवाही प्रभावित हो रही है।
विपक्ष का आरोप है कि जनता से जुड़े मुद्दे उठाने वाले सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के कुछ सदस्यों ने पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की, लेकिन स्पीकर ने उन्हें नहीं टोका। ऐसे में आज सदन में यह मुद्दा गरमाने के आसार हैं और प्रस्ताव को लेकर सत्ता-विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।