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जंतर-मंतर से संसद मार्च : CJP के प्रोटेस्ट में बवाल! संसद के करीब पहुंचे, आंसू गैस के गोले दागे, लाठी चार्ज का आरोप 

सभी गेट पर सुरक्षा बढ़ाई गई, मेन गेट बंद

अभिजीत दीपके ने अचानक भूख हड़ताल तोड़ी

 

Rudra News Express New Delhi.

संसद के मानसून सत्र के बीच सोमवार को राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर से शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का संसद मार्च भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया और बाद में संसद के निकट आंसू गैस के गोले भी दागे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज के आरोपों से इनकार किया है।

मुद्दा क्या है : 

नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों छात्र और युवा सुबह से जंतर-मंतर पर जुटे थे। संसद मार्च की घोषणा के बाद पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। संसद भवन के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई और मुख्य द्वार भी बंद कर दिया गया।

उग्र हुए प्रदर्शनकारी, बेरिकेडिंग तोड़ी, सांसद की ओर बढ़े : 

प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर संसद मार्ग की ओर बढ़े। कुछ लोग राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच गए, जबकि कुछ प्रदर्शनकारी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना क्षेत्र तक पहुंचने में सफल रहे। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया।

दीपके ने भूख हड़ताल तोड़ी, वांगचुक को लाने की मांग : 

इसी बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जल्द जंतर-मंतर नहीं लाया गया तो वे स्वयं संसद मार्च के लिए निकलेंगे।

सोनम वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी भूख हड़ताल का 23वां दिन बताया जा रहा है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने के लिए डिस्चार्ज करने का अनुरोध किया है।

सरकार से बात के प्रयास : 

उधर, CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के लिए पहुंचे। आंदोलन के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की संभावना भी बनी हुई है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुबह जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई में कई लोगों को चोटें आईं और कुछ के सिर भी फूट गए। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि लाठीचार्ज नहीं किया गया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर व्यापक बैरिकेडिंग की गई, कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास अस्थायी रूप से बंद किए गए तथा कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे घटनास्थल के वीडियो और तस्वीरें बाहर नहीं भेजी जा सकीं। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।