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Rajasthan Vidhansabha : SIR में फर्जी बंडल के मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा, कार्यवाही स्थगित

जूली: हम तो बस यह पूछना चाहते हैं कि बंडल कौन दे गया!
जोगाराम: यह विषय उठाया ही नहीं जा सकता!
 

RNE Jaipur. 
 

राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को उस वक्त बड़ा हंगामा हो गया जब विधानसभा अध्यक्ष ने एक विधायक का नाम बोलने के लिए पुकार लिया। विधायक बोलने के लिए खड़े भी हो गए। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने यह कहते हुए बोलने से रोक दिया कि इस विषय पर विधानसभा में बात नहीं रखी जा सकती। इतना कहते ही जहां अध्यक्ष देवनानी भी देखते रह गए वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी उठ खड़े हुए। पटेल ने जहां नियम पढ़ने शुरू कर दिए वहीं जूली ने तैश में आकर कहा, जब पर्ची से नाम आया है। अध्यक्ष ने बोलने के लिए कह दिया। अब कौनसे नियम लाए हो। हालत यह हो गई कि पक्ष-विपक्ष आमने, सामने हो गए। जबरदस्त बहस और शोर शराबे के बीच अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन की कार्यवाही 02 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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एसआईआर में थोक फर्ज फॉर्म-7 का आरोप:
 

दरअसल मकराना के विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने पर्ची के माध्यम से विधानसभा में अपनी बात रखने का प्रस्ताव दिया। उनका विषय मकराना विधानसभा क्षेत्र में 14 से 19 दिसंबर के बीच प्राप्त हुए थोक फर्जी फॉर्म-7 की जांच करने, धरने के बावजूद सूची छिपाने वाले अधिकरियों पर कार्रवाई से संबंधित था।
 

विधानसभा में शलाका के जरिये से पर्ची निकाली जाती है। गैसावत का नंबर शलाका से बोलने के लिए आ गया। अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उनका नाम भी पुकार लिया। इसी बीच संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने खड़े होकर आपत्ति जता दी। 
 

जोगाराम पटैल:

यह विषय नियमों-कायदों से रखा नहीं जा सकता। यह न तो राजस्थान सरकार का विषय है। न राजस्था सरककार से जुड़ा विषय है। ये भारत का संविधान का आर्टिकल 324 इलेक्शन से संबंधित सुपरविजन का कंट्रोल उनके पास है। उसमें इलेक्शन कमीशन का नोमिनेशन हो जाता है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 13बी में इलेक्टोरल बनाना, कम करना आदि-आदि अधिकार इलेक्शन कमीशन के पास है। ऐसे मंे जब मतदाता सूचियों का निर्माण और संशोधन का काम भारत सरकार 
ये अधिकार उनका है। जो अधिकारी अपाइंट किए जाते हैं वे इलेक्शन कमीशन के पास है। 

 

हमारे प्रक्रिया एवं नियम है उसके नियम 37-12 के अनुसार जो विषय राजस्थान सरकार के है ही नहीं। उस विषय को पर्ची, प्रश्न या अन्य किसी माध्यम से उठाया ही नहीं जा सकता। 
 

जूली बोले-हम पूछते हैं बंडल कहां से आए:

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली तैश में आ गए। बोले-हम तो यह चाहते हैं कि सरकार उसकी जांच करवाए कि जो बंडल आए हैं ऑफिस से उनकी जांच करवाएं।
जोगाराम पटेल: आप इस विषय को उठा नहीं सकते।

 

जूली: कोई बंडल नहीं आए हैं। आपके बंडल हैं ये। 
जूली: उन बंडलों की जांच करवा लो। गृहमंत्री बेढ़म साब, जांच करवाओ। 

 

इस बीच विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हंगामा बढ़ता देख विधानसभा की कार्यवाही 02 बजे तक स्थगित कर दी।