संजय सिंह ने दागा ऐसा सवाल कि रिजिजू-अर्जुनराम दोनों को संभालना पड़ा मोर्चा
Rudra News Express New Delhi.
राज्यसभा में ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026 पर बहस के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सामाजिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि उच्च न्यायपालिका में दलित और आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व आखिर कितना है? खास तौर पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में SC/ST समुदाय के प्रतिनिधित्व को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
संजय सिंह का सवाल था कि “बताइए, अभी सुप्रीम कोर्ट में एक भी दलित-आदिवासी जज है क्या?” इसके साथ ही उन्होंने ट्रिब्यूनलों में भी SC, ST और OBC समुदायों के लिए प्रतिनिधित्व और आरक्षण की मांग उठाई।
रिजिजू- अर्जुन का पलटवार :
संजय सिंह के इस हमले पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जवाब दिया। बहस के दौरान रिजिजू ने सुप्रीम कोर्ट में SC/ST समुदाय से जुड़े न्यायाधीशों के प्रतिनिधित्व का संदर्भ दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट तक इस समुदाय से एक न्यायाधीश पहुंचे हैं। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के कार्यकाल में आदिवासी समुदाय को मिले अवसरों का भी उल्लेख किया।
वहीं केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने ट्रिब्यूनल सुधारों का बचाव करते हुए सरकार की ओर से विधेयक के उद्देश्य और न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की बात रखी।
संसद में मुद्दा बना ‘प्रतिनिधित्व’
बहस में असली टकराव सिर्फ ट्रिब्यूनल्स बिल पर नहीं रहा, बल्कि “न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व बनाम नियुक्ति प्रक्रिया” पर आ गया। संजय सिंह ने सामाजिक न्याय का सवाल उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश की, तो सत्ता पक्ष ने जवाब में सरकार की नीतियों और संवैधानिक नियुक्ति प्रक्रिया का हवाला दिया।
दरअसल संजय सिंह ने सवाल को केवल सुप्रीम कोर्ट तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने हाईकोर्ट और ट्रिब्यूनलों में भी SC, ST और OBC वर्गों की भागीदारी का मुद्दा उठाया। उनका तर्क था कि जिन संस्थाओं में महत्वपूर्ण न्यायिक और आर्थिक फैसले होते हैं, वहां समाज के सभी वर्गों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
दूसरी ओर, सरकार ने ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल को तेज, पारदर्शी और प्रभावी न्याय व्यवस्था की दिशा में कदम बताया। राज्यसभा ने 11 अगस्त को विधेयक पारित कर दिया।