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सरसंघचालक भागवत ने सामाजिक समरसता की बात कही

 

RNE Network.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने कहा कि लोगों को जाति, धन , भाषा या क्षेत्र के आधार पर नहीं आंकना चाहिए। सभी हिन्दू एक परिवार है और एकजुट होकर रहना चाहिए।

मंदिर, जलाशय और श्मशान घाट जैसे सार्वजनिक और धार्मिक स्थल सभी हिंदुओ के लिए खुले होने चाहिए , चाहे उन्हें किसी ने भी बनाया हो। भागवत छत्तीसगढ़ के अभनपुर के गांव सोनपैरी में असंग देव कबीर आश्रम में हिन्दू सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
 

भागवत ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए अपील की कि हिंदू समाज भाषा, भूषा, भजन, भवन, भ्रमण और भोजन में अपनी पहचान बनाये रखे, विभेद न करें। संघ प्रमुख ने बांग्लादेश जैसे देशों में हिन्दू समुदाय के सामने आने वाली चुनोतियो का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदू समाज को स्वबोध से जीना चाहिए।
 

समाज में सद्भावना और संगठन जरूरी है। उन्होंने संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा हिन्दू एकता पर बल दिया।