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तिहाड़ जेल में सारे कायदे तोड़ डीके से मिलने पहुंची थी, भावुक डीके ने तभी कर लिया था एक वादा

7 साल से प्रण पूरा करने के लिए दाढ़ी नहीं बनाई
 
 

मधु आचार्य ' आशावादी '

RNE Special.
 

आखिरकार कल 3 जून को कर्नाटक के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, डिप्टी सीएम व कांग्रेस के संकटमोचक डी के शिवकुमार ने ठीक 4.16 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। वे राज्य के 25 वें सीएम बने हैं। उनके सीएम बनने का रास्ता वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने त्यागपत्र देकर खोला।

डीके के लिए कल का दिन बहुत भावुकता वाला था। कल वे पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा से मिले, जिनके सामने 23 साल की उम्र में उन्होंने पहला चुनाव लड़ा था। उनके घर जाकर डीके ने आशीर्वाद लिया। उनके शपथ ग्रहण में राहुल गांधी व प्रियंका गांधी पहुंचे। जब राहुल ने मंच पर उनको गले लगाया तो वे भाव विहल हो उठे। खड़गे से उनको आशीर्वाद मिला।

इससे पहले जब नेतृत्त्व परिवर्तन की बात चली तो डीके का हक था पूर्व में हुए समझौते के अनुसार। मगर वे सोनिया से किये वादे के कारण असंतोष प्रकट कर नहीं सकते थे। मामला सोनिया तक पहुंचा, उनकी व डीके की बात हुई और शांति हो गयी। नेतृत्त्व परिवर्तन भी बिना शोर शराबे के हो गया।

तिहाड़ के दिन याद आ गये...

डीके पर बहुत बुरा वक्त आया था। उनको टॉर्चर किया गया। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तारी हो गयी। ईडी व इंककम टैक्स के छापे पड़े। परिवार के झगड़े अलग से। डीके को पूरी तरह से घेर लिया गया। उनको तोड़ने व दल बदलने के लिए बाध्य करने के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया गया।

एक दिन अचानक से उनसे मिलने तिहाड़ जेल सोनिया गांधी पहुंची। डीके विस्मित। कोई कार्यकर्ता कल्पना भी नहीं कर सकता कि सबसे बड़ी नेता, पूरे प्रोटोकोल तोड़ तिहाड़ जेल में उनसे मिलने पहुंच जाए।

उस दिन से कहते हैं अम्मा....

डीके उस दिन से सोनिया गांधी को अम्मा ही कहते हैं और उनके सबसे भरोसे के आदमी है। वे गांधी परिवार के बहुत ही निकट आज भी है। सोनिया का नाम आते ही डीके भावुक हो जाते हैं। कई बाए तो उनके बारे में बोलते समय आंसूं भी निकल आते हैं।


तिहाड़ में किया अम्मा से वादा:

सोनिया गांधी जब उनसे तिहाड जेल में मिलने पहुंची तो डीके ने वादा किया, एक नहीं दो वादे किए। जिनको आज तक निभा रहे हैं। पचला वादा यह किया कि वे कभी पार्टी नहीं छोड़ेंगे, चाहे जुच भी दबाव आ जाये।

अनेक बार उन पर भाजपा की तरफ से दबाव आये। ईडी की गतिविधियां की गई। केस दायर हुए। अंदरखाने धमकाया फया कि पार्टी छोड़ दो। मगर अम्मा से वादा था। सब सहा, पार्टी नहीं छोड़ी। विरोधियों के सामने नहीं झुके।
 

दूसरा वादा डीके ने अम्मा से ये किया कि वे कर्नाटक जीतकर उनकी झोली में डालेंगे। उस वादे को भी पूरा करने में वे सफल रहे।

7 साल से दाढ़ी नहीं बनाई:

डीके ने अम्मा से वादा किया था कि जब तक कर्नाटक जीतकर आपकी झोली में नहीं डाल दूंगा, दाढ़ी नहीं बनाऊंगा। वो वादा पूरा किया मगर दाढ़ी अभी तक नहीं बनाई।