कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों व महासचिवों को अचानक दिल्ली बुलाया, संगठनात्मक स्तर पर किसी बड़े निर्णय की संभावना, हलचल तेज
RNE Network.
इन दिनों दिल्ली में राजनीति का पारा बहुत चढ़ा हुआ है। भाजपा हो या कांग्रेस, सभी के भीतर बड़ी हलचल है। जो इस बात का संकेत है कि देश की राजनीति में कुछ नया और अनूठा गठित होने की पूरी संभावना है।
एक तरफ तृणमूल कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से बिखर रही है और पार्षदों से लेकर सांसदों तक में भागमभाग मची हुई है। वहीं भाजपा पूरी तरह से टीएमसी के सांसदों व विधायकों को अपने पाले में लाने के लिए जोर लगा रही है।
इंडिया गठबन्धन के दल भी अपनी नई राजनीतिक रणनीति के तहत अब केंद्र सरकार पर हमलावर है। कॉकरोच जनता पार्टी ने अलग से अपने पैर पसार लिए है और वो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी हुई है।
कांग्रेस में हलचल तेज:
कांग्रेस के भीतर की राजनीति में बहुत कुछ पक रहा है और हलचल तेज है। मध्यप्रदेश में राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किये जाने से कांग्रेस आक्रामक है। वहीं दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में विलय को लेकर भी सोनिया, राहुल, ममता बनर्जी व अभिषेक के बीच कुछ खिचड़ी पक रही है। ममता हालांकि कोलकाता लौट गई है और अभिषेक अभी दिल्ली में ही है और राहुल - सोनिया के संपर्क में लगातार है।
इस बीच अचानक कल रात कांग्रेस ने अपने सभी प्रदेश अध्यक्षों व पार्टी के महासचिवों को तुरंत दिल्ली तलब किया है। आज सुबह से सभी दिल्ली पहुंचना आरंभ हो गए हैं। लगता है कांग्रेस कोई बड़ा निर्णय करने वाली है।