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पीसीसी चीफ डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष जुली के आने से पीबीएम का आंदोलन बड़ा बना

शहर व देहात कांग्रेस के साथ युवक कांग्रेस, एनएसयूआई सक्रिय
मगर कांग्रेस की फूट का भी असर दिख रहा साफ साफ
एक दिन बाद गोविंद मेघवाल का प्रदर्शन
 

मधु आचार्य ' आशावादी '

RNE Special.


एक पखवाड़े से संभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम को लेकर शहर व देहात कांग्रेस, युवक कांग्रेस, एनएसयूआई व कांग्रेस के अग्रिम संगठन आंदोलनरत है। कांग्रेस पीबीएम में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर आंदोलन कर रही है। अस्पताल की नई मेडिकल विंग को बने हुए एक लंबा अर्सा बीत गया, मगर वो शुरू ही नहीं की जा रही है। कांग्रेस उसको भी शुरू करने की मांग कर रही है।

इसी मध्य पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं को लेकर नई समस्या खड़ी हो गयी। कोटा की तर्ज पर यहां भी प्रसूताओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। दो प्रसूताओं की मौत भी हो गयी। कोटा और बीकानेर के बाद पहले जोधपुर और फिर नागौर में भी प्रसुताओ के साथ यही घटित हुआ। इन मौतों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह के बयानों ने विपक्ष व आम जन को और ज्यादा गुस्से में कर दिया। बीकानेर से उनके अटपटे बयान शुरू हुए थे, कांग्रेस ने उसे भी मुद्दा बनाया। प्रसूताओं को लेकर कांग्रेस ने जो आंदोलन शुरू किया उसे अंतिम मुकाम तक पहुंचाया।

मृतक प्रसूता के परिजनों को आर्थिक मदद मिली, संविदा पर नोकरी की सहमति बनी। कांग्रेस के आंदोलन के सामने पीबीएम प्रशासन व प्रशासन को झुकना पड़ा। स्वास्थ्य सचिव गायत्री राठौड़ बीकानेर आयी और स्थिति को संभाला, नहीं तो आंदोलन कोई दूसरी दिशा में भी जा सकता था। मगर पीबीएम की अव्यवस्थाओं के खिलाफ कांग्रेस की तरफ से एक पखवाड़े से जो धरना दिया जा रहा है, वह अनवरत जारी है। इस बीच युवक कांग्रेस के प्रदर्शन पर बल प्रयोग भी हुआ।

प्रदेश कांग्रेस भी भड़क गई:

पीबीएम की अव्यवस्थाओं में सुधार को लेकर चल रहे लगातार धरने के बाद भी सरकार की तरफ कुछ न किये जाने से कांग्रेस नाराज हो गयी। पार्टी के राज्य के नेतृत्त्व के पास यहां की कांग्रेस ने अपनी गुहार पहुंचाई।

स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह के बयान भी कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्त्व के सामने थे। आखिरकार पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली के साथ बीकानेर आने की घोषणा कर दी। राज्य सरकार के खिलाफ यह कांग्रेस का हल्ला बोल था 

कल डोटासरा व जुली आएंग्गे:

इस बीच सीमा के पास के गांवों से मस्जिदें हटाने का मुद्दा भी कांग्रेस ने उठा लिया है। उसे भी पीबीएम के साथ जोड़ दिया गया है। इन दोनों मुद्दों पर कल 30 जून को कलेक्ट्री पर कांग्रेस का प्रदर्शन होगा और उसमें डोटासरा व जुली भी शामिल होंगे।

बीकानेर शहर व देहात कांग्रेस के साथ पार्टी के सभी अग्रिम संगठन इस प्रदर्शन को सफल बनाने में जुट गए हैं और एक प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुआत बीकानेर से हो रही है।

कांग्रेस फिर भी दिख रही धड़ों में:

इस हल्ला बोल के बाद भी कांग्रेस धड़ों में बंटी हुई दिख रही है। पीबीएम व स्वास्थ्य विभाग के कांग्रेस के पूरे आंदोलन में पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल कहीं नजर नहीं आये। कांग्रेस के डूडी गुट व उनके बीच पिछले काफी समय से खींचतान चल रही है।

मेघवाल ने एक दिन बाद 1 जुलाई को कलेक्ट्री पर मस्जिदें सीमा के पास से हटाने के मुद्दे पर प्रदर्शन की घोषणा की है। मगर डोटासरा व जुली ने कल के प्रदर्शन में इस मुद्दे को शामिल कर लिया है। यह गुटबाजी का ही द्योतक है।