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बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर स्पष्टता नहीं, दो फार्मूलों पर अभी तक चल रहा है मंथन, अभी समय लगेगा

 

RNE Network.

जेडीयू के सुप्रीमो व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीत जाने के बाद अब वहां नये मुख्यमंत्री का रास्ता साफ हो गया। मगर नई सरकार का गठन कैसे हो और भाजपा व जेडीयू की क्या हिस्सेदारी रहे, इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। अभी तक विचार मंथन ही चल रहा है।
 

हालांकि जेडीयू और भाजपा ने सरकार गठन की कवायद तेज कर दी है। दोनों दलों के बड़े नेताओं के मध्य सरकार गठन के फार्मूले पर सहमति बनाई जा रही है। दोनों दलों को बराबर मंत्री पद मिलेंगे, सहयोगियों के खाते में एक से दो मंत्री पद जाएंगे।
 

उधर, नीतीश के करीबी सूत्रों का कहना है कि नीतीश स्वास्थ्य कारणों से केंद्र में मंत्री नहीं बनेंगे। वह राज्यसभा में ही रहेंगे और अधिक समय पटना में देंगे। पार्टी के नेताओं का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं भाजपा व जदयू ने नई सरकार के चेहरों को तय करने का काम आरम्भ कर दिया है। 
 

सूत्रों के अनुसार नई सरकार के लिए कई फार्मूलों पर चर्चा चल रही है। एक फार्मूले के अनुसार भाजपा के पास सीएम हो और जेडीयू के 2 डिप्टी सीएम हो। दूसरे फार्मूले के अनुसार भाजपा के पास सीएम व 1 डिप्टी सीएम हो, वहीं जेडीयू के पास एक डिप्टी सीएम हो लेकिन मंत्री पद ज्यादा हों। वर्तमान में भाजपा के पास 2 डिप्टी सीएम व 16 मंत्री है, जबकि जेडीयू के पास सीएम और 15 मंत्री है। फार्मूला जल्द तय करने के प्रयास दोनों दलों की तरफ से किये जा रहे है।