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Tikaram Juli ने फिसली जुबान को चुटकी में बदला पर बीकानेर कांग्रेस में इस पर टिकट के कयास शुरू!

 

RNE Bikaner.

राजस्थान कांग्रेस में अच्छे वक्ताओं की गिनती की जाएं तो नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली टॉप 05 में जरूर आते हैं। विधानसभा के फ्लोर से जनसभाओं और मीडिया के मंच तक उनकी वाकपटुता के जलवे दिखते हैं। सामान्यतया उनके भाषण विश्वसनीय और तार्किक माने जाते हैं। अपने दायरे में रहते हुए पार्टी लाइन पर बोलने और कोरी लफ्फाजी नहीं करने से उनकी बातों से राजनीतिक संकेत भी निकाले जाते हैं। उनके बढ़ते क्रेज की वजह से प्रदेश की जनसभाओं में अब उनके नाम पर भीड़ भी जुटने लगी है। 

कुछ ऐसी ही भीड़ मंगलवार को बीकानेर में भी जुटी। मौका था बीकानेर देहात एवं शहर कांग्रेस की ओर से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का। पीबीएम हॉस्पिटल की बदइंतजामी के खिलाफ चल रहे आंदोलन में शिरकत करने प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी आए। 

जूली ने हालांकि सरकार के खिलाफ धुंआधार भाषण दिया लेकिन मंचस्थ नेताओं के नाम लेते वक्त उनसे हलकी-सी चूक हो गई। वे देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल को इंगित कर दोनों को विधायक बोल गए।

उस वक्त तो बात आई-गई हो गई लेकिन अब कांग्रेस के खेमों में खुसफुसाहट शुरू हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बीकानेर जिले से विधानसभा टिकट के दो दावेदार तो तय हो गए हैं!

राजनीतिक चर्चाओं वाली एक चाय की थड़ी पर यह चर्चा इतनी आगे बढ़ गई कि संभावित विधानसभा सीटों तक के नाम सामने आ गए। इन सीटों पर जातिगत, राजनीतिक समीकरणों की पड़ताल होने लगी। हैरानी इस बात पर भी है उन लोगों की तरफ भी इशारा हो गया जो पार्टी में अंदरखाने "कारसेवा' करेंगे। 

अब इनको कौन बताएं कि वाकपटु जूली ने फिसली जुबान को चुटकी में बदलने के लिए कहा था "कोई बात नहीं दोनों अगली बार विधायक हो जाएंगे।"