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दो पूर्व मेयर मैदान में : पहले मेयर मकसूद, निवर्तमान मेयर सुशीला फिर चुनावी मैदान में!

Bikaner Nagar Nigam : बीकानेर नगर निगम के पहले मेयर बने थे मकसूद,  निवर्तमान मेयर सुशीला कंवर भी फिर मैदान में
 
  • इस बार के नगर निगम चुनाव में कई मेयर के दावेदार सपना संजोए पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ दो लोग ऐसे भी है जो पहले मेयर रह चुके, मगर फिर से पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं। प्रतिष्ठा तो दाव पर है ही। क्योंकि वोटर उनके कार्यकाल का मूल्यांकन करेगा। इस वजह से दोनों सीटें हॉट सीट बनी हुई है।


 

  • राजा बोहरा


इस बार के नगर निगम के चुनाव बहुत रोचक हैं। क्योंकि भाजपा और कांग्रेस की तरफ से आधा - आधा दर्जन से अधिक पार्षद मेयर का सपना देखकर चुनाव लड़ रहे हैं। दो मेयर के स्वप्नद्रष्टा तो पार्षद चुनाव से पहले ही पराजित हो गए। क्योंकि उनकी पार्टी ने उनको पार्षद का चुनाव लड़ने के योग्य नहीं माना और उनका टिकट ही काट दिया। उनकी तो बिना चुनाव लड़े किरकिरी हो गयी।


मगर दो नेता ऐसे भी चुनाव लड़ रहे हैं जो पहले पार्षद ही नहीं, मेयर भी रह लिए। उनको पता नहीं किस सोच से पार्टी ने या फिर उन्होंने खुद ने, पार्षद चुनाव के लिए मैदान में उतार दिया। याद आती है पाली जिले की। वहां से कांग्रेस के सांसद थे मूलचंद डागा। पता नहीं क्या सूझी, सांसद रहते हुए पार्षद का चुनाव लड़ लिया। हुआ यह कि सांसद जी पार्षद का ही चुनाव हार गये।


शायद यह तथ्य पहले महापौर मकसूद अहमद और निवर्तमान महापौर सुशीला कंवर को भी पता होगा। पता होते हुए भी यदि पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं तो हो सकता है इन लोगों के मन में एक बार फिर महापौर बनने की ईच्छा हो। तभी तो रिस्क में उतरे हैं।


पूर्व सभापति, पूर्व महापौर व पूर्व नगर विकास न्यास अध्यक्ष मकसूद अहमद निगम के वार्ड 18 से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। आरम्भ में यहीं के लोगों ने उनको बाहरी बताकर विरोध किया, मगर अपने शालीन व्यवहार से उन्होंने भीतर के विरोध पर काबू पा लिया। इस वार्ड में राजीव नगर, सुलेमानिया मदरसा का क्षेत्र आता है। उनका मुकाबला यहां भाजपा के टेकचंद गहलोत व बसपा के त्रिलोकचंद के अलावा निर्दलीयों से है।


इस वजह से ही यह हॉट सीट बन गयी है। मकसूद चूंकि स्थानीय निकाय के संस्थाओं के मुखिया रहे हैं, इस कारण उनका मूल्यांकन भी मतदाता उस समय के कामकाज के आधार पर करेगा। मेयर रह चुके मकसूद के सामने सबसे बड़ी चुनोती पार्षद चुनाव ही जीतने की है, क्योंकि लोग पाली के प्रसंग को बारबार याद कर रहे हैं। देखते हैं, मतदाता पाली की याद ताजा रखता है या वहां के प्रतिकूल चलता है।

वार्ड 14 भी इस कारण है हॉट सीट : 

करणी नगर, समता नगर आरसीपी कॉलोनी से बना वार्ड 14 भी शहर की सुर्खियों में है। चर्चा में रहना भी है, क्योंकि यहां से निवर्तमान महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित एक बार फिर पार्षद बनने के लिए मैदान में उतरी हुई है। सुशीला जी का मेयर का कार्यकाल हाल ही में पूरा ही हुआ है, इस हालत में उन्होंने फिर से पार्षद का चुनाव लड़ एक जोखिम तो उठाया ही है, इस बात को सभी लोग मान रहे हैं।


वार्ड 14 में उनका मुकाबला कांग्रेस की किरण भाटी से है। यहां 2 निर्दलीय भी मैदान में है। सुशीला कंवर का यह चुनाव एक तरह से उनके मेयर के कार्यकाल का जन मूल्यांकन होगा। वोटर उनके काम की ऑडिट करेगा और फैसला देगा। उस कार्यकाल की सफलता या असफलता का मूल्यांकन इस वार्ड का चुनाव परिणाम करेगा। इस कारण शहर के लोग इस सीट को भी हॉट सीट मान रहे हैं।