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MP Economic Corridor : एमपी में 2885 एकड़ जमीन पर बनेगा इकोनॉमिक कॉरिडोर, ले-आउट हुआ तैयार

किसानों पर होगी नोटों की बारिश, 2885 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण 
 

Indore-Pithampur Economic Corridor : मध्यप्रदेश सरकार द्वारा औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ाव दिया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए जहां पर बड़ी कंपनियों को निवेश करने के लिए आकर्षित किया जा रहा है और उनके अनुरूप माहौल तैयार किया जा रहा है। एमपी सरकार ने 2885 एकड़ इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है।

इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए सरकार की तरफ से ले आउट तैयार कर लिया है और जल्द ही इसको धरातल पर उतारा जाएगा। इसके लिए सरकार की तरफ से 2885 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इकोनॉमिक कॉरिडोर की घोषणा के साथ ही एमपी में जमीन के रेट आसमान को छूने लगे है और इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए सरकार द्वारा किसानों से जमीन की डिमांड की गई है।

इसमें अभी तक 250 एकड़ से अधिक जमीन के सहमति पत्र एमपीआइडीसी के पास पहुंचे हैं। इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर जमीन देने के लिए किसान इच्छुक दिखाई दे रहे है। एमपी सरकार द्वारा  इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाया जा रहा है। एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉपॅर्पोरेशन ने फाइनल ले-आउट जारी कर दिया है। इसमें कमर्शियल, इंडस्ट्रियल के साथ आवासीय और मिक्स लैंडयूज का प्रावधान किया गया है।

एमपीआइडीसी द्वारा जारी किए गए ले आउट के हिसाब से सबसे ज्यादा 33 प्रतिशत जमीन को कमर्शियल गतिविधियों के लिए आरक्षित किया गया है। इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में औद्योगिक लगाने के लिए बहुत कम जगह रखी गई है। इसमें औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए 2885 में से महज 0.90 प्रतिशत जमीन को आरक्षित किया गया है।

ऐसे में सरकार का लक्ष्य है कि इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में ग्रीनरी व पार्क को प्राथमिकता दी जाएगी। जहां पर हर तरफ हरियाली दिखाई देगी। इस इकोनॉमिक कॉरिडोर में हरियाली के लिए 5.73 प्रतिशत क्षेत्र आरक्षित किया गया है। ऐसे में सरकार इसको ईको-फ्रेंडली कॉरिडोर बनाना चाहती है। 

19.60 किलोमीटर लंबे इस कॉरीडोर में हर सुविधा होगी उपलब्ध

एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉपॅर्पोरेशन की तरफ से तैयार इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर को बेहतरीन तरीके से बनाया गया है। इसमें हर सुविधा का ध्यान रखा गया है और लोगों के माहौल के अनुरूप रखा गया है। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर इंदौर से पीथमपुर के बीच 19.60 किलोमीटर लंबे तक प्रस्तावित है।

इसके लिए सरकार की तरफ से जमीन अधिग्रहण करने के लिए डिमांड मांगी जा चुकी है। इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में सभी प्रकार की सुविधाएं बनाई जाएगी। इसमें अपना व्यापार करने वाले लोगों को बाहर जाने की जरूरत तक नहीं पड़ेगी। रीक्रिएशनल गतिविधियों के लिए जो 67 हेक्टेयर यानी 5.73 प्रतिशत क्षेत्र आरक्षित किया गया है। इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में पार्क, गार्डन, सिटी फॉरेस्ट, रीजनल पार्क, स्टेडियम, प्ले ग्राउंड, वाटर फ्रंट को विकसित किया जाएगा। 

इकोनॉमिक कॉरिडोर में मिलेंगे सस्ते आवास 

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। ले आउट के अनुसार इसमें कर्मचारियों को एफॉर्डेबल हाउसिंग देने के लिए नौ 9 हेक्टयर जमीन को आरक्षित किया गया है। जहां पर कर्मचारियों को सस्ते रेट पर आवास उपलब्ध करवाया जाएगा।

इसके अलावा इसके अंदर ही अस्पताल व कम्युनिटी सुविधाएं उपलब्ध होगी। इसके अलावा पुलिस स्टेशन, फायर स्टेशन भी इकोनॉमिक कॉरिडोर में उपलब्ध होगी। इसके अलावा सामान खरीद के लिए दुकानों के लिए भी जगह निर्धारित की गई है।