60 किलो चांदी की ईंटों का भी नहीं मिला हिसाब, 6 दिन जांच के बाद एसआईटी लखनऊ हुई रवाना
RNE Network.
अयोध्या धाम स्थित राम मंदिर चढ़ावा विवाद की 6 दिन जांच करने के बाद एसआईटी की टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गयी है। एसआईटी सम्भवतः सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
एसआईटी की टीम ने लखनऊ रवाना होने से पहले संदेह के घेरे में आये लोगों से पूछताछ की। राम मंदिर से लेकर तीनों बैंकों के कर्मचारियों से, गणना कर्मियों से पूछताछ की गई।
चांदी की ईंटें का नहीं हिसाब:
इंडियन बुलियन एन्ड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नार्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने बताया कि देशभर के सराफा कारोबारियों ने 10 - 10 और 20 - 20 ग्राम चांदी भेजकर करीब 60 किलो चांदी एकत्रित की थी। इस चांदी को गलाकर एक से सवा किलो वजन की ईंटें तैयार की गई थी, जिन पर दानदाताओं के नाम और गौत्र अंकित थे। इसके अलावा ऋषिकेश एसोसिएशन की ओर से एक किलो चांदी का कलश भी भेंट किया गया था।
रस्तोगी के मुताबिक 20 जुलाई 2020 को चम्पत राय की सहमति के बाद ये चांदी की ईंटें अयोध्या स्थित राम कचहरी में सौंपी गई थी। उस समय चम्पत राय, डॉ अनिल मिश्रा और कैशियर प्रकाश गुप्ता मौजूद थे। बताया जा रहा है कि 60 किलो चांदी की ईंटें व अखण्ड ज्योति का भी हिसाब नहीं मिला है।