Haryana Collector Rate : हरियाणा में प्रॉपर्टी होगी महंगी, कलेक्टर रेट बढ़ने से पहले रजिस्ट्री करवाने की होड़
नए वित्त वर्ष (1 अप्रैल) से पहले प्रॉपर्टी के कलेक्टर रेट बढ़ने की आहट ने हरियाणा के लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं
नए वित्त वर्ष (1 अप्रैल) से पहले प्रॉपर्टी के कलेक्टर रेट बढ़ने की आहट ने हरियाणा के लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। दरें बढ़ने से पहले अपनी जेब बचाने के लिए लोग बड़ी संख्या में तहसील पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ के चलते अभी तक केवल 20 मार्च तक के आवेदनों पर ही रजिस्ट्रियां हो पा रही हैं।
पुरानी दरों पर रजिस्ट्री कराने की होड़ में लोग सुबह 9 बजे से ही लाइनों में लग रहे हैं। हिसार का तहसील स्टाफ देर शाम तक काम कर रहा है, बावजूद इसके 100 अधिक रजिस्ट्रियां नहीं हो पा रही हैं। बीच-बीच में रजिस्ट्री जल्द कराने के चक्कर में कुछ लोग तत्काल टोकन ले लेते हैं। तत्काल टोकन पर सरकार को अधिक रेवेन्यू मिलता है इसलिए अधिकारी और तहसील स्टाफ पहले उनकी रजिस्ट्री करते हैं। ऐसे में करीब 1 हजार रजिस्ट्रियां पेंडिंग हैं।
कलेक्टर रेट को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए, लापरवाही से पेंडेंसी बढ़ रही
कलेक्टर रेट में हो रही देरी और जनता की परेशानी को देखते हुए प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त से मिला था। एसोसिएशन ने मांग की है कि रेट्स को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि लोगों में फैला डर खत्म हो। इसके साथ जहां रेट में गलती हो वहां आपत्तियां दी जा सकें। रेट्स में देरी के कारण रियल एस्टेट मार्केट में अनिश्चितता का माहौल है। लापरवाही का आलम यह है कि तहसीलों में पेंडेंसी भी बढ़ रही है।
नये निर्देश नहीं मिले
आदमपुर के तहसीलदार रामनिवास भादू ने बताया कि मुख्यालय से नए कलेक्टर रेट्स को लेकर अभी कोई अंतिम सूची नहीं आई है। जब तक नए निर्देश नहीं मिलते, पुरानी दरों पर ही काम जारी रहेगा। पेंडेंसी और भीड़ को देखते हुए कर्मचारियों को अतिरिक्त समय देने के निर्देश दिए गए हैं। पेंडेंसी के पीछे मुख्य वजह है कि छुट्टियों के दिन भी लोग आवेदन करते हैं। ऐसे में पेंडेंसी की संख्या बढ़ जाती है।