Milk gift scheme : 9वीं से 12वीं की छात्राओं को फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड का दूध और मिल्क बार मिलेगा
मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना स्कूलों में लागू करने की प्रक्रिया तेज
हरियाणा सरकार ने राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली कक्षा प्रवीं से 12वीं तक की छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस संबंध में विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने अब इसे अप्रैल से जमीन पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। इस योजना के तहत छात्राओं को 75 दिनों तक फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड मिल्क और प्रोटीन मिल्क बैंक उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका वितरण अप्रैल 2026 से शुरू होगा।
इस योजना का उद्देश्य खासकर किशोरावस्था की छात्राओं में कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं को कम करना है। इसके तहत शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से विद्यालयवार छात्राओं के नामांकन का सत्यापन कर रिपोर्ट विभाग भी मांग ली है ताकि सभी स्टूडेंट्स को इसका लाभ मिल पाएं। सत्र 2025-26 के नामांकन के आधार पर डिमांड तैयार की गई है,
जिसमें कक्षा 8वीं के आंकड़े को प्रवीं, 9वीं को 10वीं और 11वीं को 12वीं की डिमांड माना गया है। शेड्यूल अनुसार सप्ताह में चार दिन दूध और दो दिन मिल्क बार दिए जाएंगे। प्रत्येक छात्रा को प्रतिदिन लगभग 200 ग्राम पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। किशोरावस्था में पोषण की कमी को दूर कर उनके शारीरिक और मानसिक विकास को बेहतर बनाने में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।
2020 में बनाई थी योजना, अब छात्राओं तक पहुंचेगी
मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना की शुरुआत 5 अगस्त 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा की गई थी। शुरुआत में यह योजना गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छोटे बच्चों के पोषण सुधार के लिए लागू की गई थी।
इसके बाद बाद अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए 14 से 18 वर्ष की छात्राओं को भी इसमें शामिल करने की घोषणा की। हालांकि, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं के कारण इसे स्कूल स्तर पर लागू करने में समय लगा। अब 2026 में यह योजना छात्राओं तक पहुंचने जा रही है।