Haryana New Sector : गुरुग्राम की तर्ज पर बनेगा इस शहर में नया सेक्टर, पार्किंग ग्रीनरी, आधुनिक और कॉर्पोरेट लुक होगा
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से प्रदेश के प्रत्येक जिले में नए सेक्टर विकसित करने की योजना को सिरे चढ़ाया जा रहा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से अब नए सेक्टरों को आधुनिक तरीके से बसाया जाएगा और महानगरों की तर्ज पर इनकों विकसित किया जाएगा।
इसी कड़ी में हिसार में सेक्टर-25 बनाने की तैयारी है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने रायपुर रोड पर निर्धारित इस सेक्टर को एक बेहतरीन कमर्शियल हब के रूप में विकसित करने के लिए 182 करोड़ रुपए का एस्टीमेट तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट की फाइल को अंतिम मंजूरी के लिए पंचकूला मुख्यालय भेजा गया है।
मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। दावा किया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यह सेक्टर न केवल बिजनेस का बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
एचएसवीपी के एसई पवन वर्मा ने बताया कि सेक्टर-25 को गुरुग्राम साइबर सिटी की तर्ज पर विश्वस्तरीय बनाने का प्लान है। 181 करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
बड़े कमर्शियल प्लॉट होंगे; मॉल और एसएसबी की एंट्री
अधिकारियों के मुताबिक, सेक्टर-25 को पूरी तरह से आधुनिक और कॉर्पोरेट लुक दिया जाएगा। इस सेक्टर की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां सभी बड़े कमर्शियल प्लॉट काटे जाएंगे।
शॉपिंग और एंटरटेनमेंट : सेक्टर में चमचमाते बड़े मॉल्स और एसएसबी बनाए जाएंगे।
एजुकेशन हब : यहां बड़े संस्थानों के लिए भी जगह आरक्षित की गई है, जिससे यह एक बड़े एजुकेशन और कॉर्पोरेट हब के रूप में उभरेगा।
पार्किंग और ग्रीनरी पर सबसे ज्यादा फोकस
अक्सर नए सेक्टर्स में पार्किंग की बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए एचएसवीपी ने सबसे बड़ा बजट यानी 78 करोड़ रुपए सिर्फ पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने और सेक्टर को इको-फ्रेंडली (ग्रीनरी) बनाने के लिए रखा है।
वहीं, कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए अंदरूनी और बाहरी सड़कों के जाल पर कुल 75 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, ताकि भविष्य में यहां आने वाले लोगों को जाम के झंझट से न जूझना पड़े।
मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का खाका तैयार
एचएसवीपी ने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बजट का बारीक खाका तैयार किया है। सबसे ज्यादा फोकस हरियाली, पार्किंग और सड़कों पर रखा गया है।
पार्किंग और ग्रीनरी ₹78 करोड़
आंतरिक सड़कें (इंटरनल रोड्स) ₹44 करोड़
बाहरी सड़कें (आउटर रोड्स) ₹31 करोड़
वॉटर सप्लाई (पानी की लाइन) ₹11 करोड़
ड्रेनेज सिस्टम (जल निकासी) ₹09 करोड़
सीवरेज लाइन ₹08 करोड़
बिजली लाइनें ₹1 करोड़
कुल अनुमानित बजट ₹182 करोड़