Old NH-11 : रेवाड़ी में ओल्ड एनएच-11 बनेंगा फोरलेन, थिन व्हाइट टॉपिंग तकनीक से बनेगा
रेवाड़ी के बावल रोड और ओल्ड एनएच-11 की सूरत जल्द ही बदलने वाली है
रेवाड़ी के बावल रोड और ओल्ड एनएच-11 की सूरत जल्द ही बदलने वाली है। रणबीर हुड्डा (आईओसीएल) चौक से हरीनगर बाईपास तक बनने वाली सड़क न केवल प्रदेश की पहली थिन व्हाइट टॉपिंग तकनीक वाली सड़क होगी, बल्कि पीडब्ल्यूडी ने अब इसे और अधिक भव्य बनाने का निर्णय लिया है।
नई योजना के मुताबिक रणबीर हुड्डा चौक से लेकर रणबीर सिंह हुड्डा चौक, महाराणा प्रताप चौक, बावल चौक तक के करीब 1500 मीटर लंबे हिस्से को पूरी तरह फोरलेन किया जाएगा। अभी इस मार्ग की चौड़ाई मात्र 5.50 मीटर (2-लेन) है, जिसे अब बढ़ाकर 4 लाइन 15 मीटर (7.50 मीटर गुणा 2 लाइन) किया जाएगा।
इसके लिए विभाग ने जमीन की पैमाइश और वन विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण का काम पूरा कर लिया है। रास्ते में आने वाले अवैध कब्जों को हटाया जाएगा और वन विभाग की मंजूरी मिलते ही रास्ते में आने वाले पेड़ आदि की बाधाओं को दूर कर निर्माण शुरू होगा।
इस सड़क के निर्माण के लिए एनएचएआई ने वन टाइम इम्प्रूवमेंट स्कीम के तहत 15.46 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी को पहले ही भेज दिए हैं। हालांकि, 2-लेन से 4-लेन करने की नई योजना के कारण अब संशोधित बजट की फाइल सरकार को भेजी गई है।
पूरे प्रोजेक्ट के तहत शहर के अंदर 5.1 किलोमीटर के मुख्य हिस्से के साथ-साथ खोरी गांव के 1.3 किलोमीटर के भाग को मिलाकर कुल 6.4 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो अगले 1 माह बाद इस पर काम शुरू होने की उम्मीद है, जिसे 12 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
8 इंच मोटी परत से मिलेगी 25 साल की लाइफ
पीडब्ल्यूडी विशेषज्ञों के अनुसार थिन व्हाइट टॉपिंग तकनीक में मौजूदा डामर रोड की ऊपरी सतह को हटाकर उस पर पीसीई फाइबर और पॉली ऑक्साइड के मिश्रण वाला करीब 200 एमएम (8 इंच) मोटा कंक्रीट बिछाया जाता है। सामान्य सीसी रोड 300 एमएम मोटे होते हैं और उनकी उम्र 10 से 15 साल होती है, जबकि यह नई तकनीक सड़क को 20 से 25 साल तक मजबूती देगी। इस सड़क पर पानी जमा होने या भारी भार से सड़क धंसने का खतरा नहीं रहता। प्रदेश में इस तकनीक का यह पहला प्रयोग रेवाड़ी में होने जा रहा है।
एक नजर में सड़क का नया स्वरूप
शहर के भीतर थिन व्हाइट टॉपिंग तकनीक से कुल 5.1 किलोमीटर सड़क बनेगी, जबकि खोरी गांव के हिस्से को मिलाकर कुल प्रोजेक्ट 6.4 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें रणबीर हुड्डा चौक से बवाल चौक तक का 1500 मीटर लंबा हिस्सा विशेष तौर पर 15 मीटर चौड़ा यानी 4-लेन बनाया जाएगा। एनएचएआई से 15.46 करोड़ मिल चुके हैं, जबकि फोरलेन और अतिरिक्त कार्यों के लिए संशोधित अनुमान करीब 22 करोड़ रुपये का तैयार कर मुख्यालय भेजा गया है। यह सड़क दिल्ली-झुंझुनू-सीकर मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शहर के भारी ट्रैफिक को राहत देगी।
मंजूरी मिलते ही शुरू होगा सड़क का काम : एक्सईएन
रेवाड़ी के पीडब्ल्यूडी बीएंडआर एक्सईन सतेंद्र श्योराण ने बताया कि थिन व्हाइट टॉपिंग तकनीक से बनने वाली प्रदेश की इस पहली सड़क के निर्माण को लेकर हमने रणबीर हुड्डा चौक से बवाल चौक तक 1500 मीटर हिस्से को 2-लेन से 4-लेन करने की योजना बनाई है, जिसके लिए जमीन की पैमाइश हो चुकी है। वन विभाग की मंजूरी और मुख्यालय से संशोधित रेट अप्रूवल मिलते ही मौके पर काम शुरू कर दिया जाएगा। शहर में 5.1 किमी और खोरी में 1.3 किमी सहित कुल 6.4 किमी का निर्माण होगा।