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105 साल की उम्र में कैदी को मिली सजा से मुक्ति, सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की बाकी सजा की माफ

 

RNE Network.

अत्यधिक उम्र हो जाने के कारण कोर्ट ने कैदी की सजा को माफ कर दिया है। उम्र का शतक पार कर लेने के कारण उसे सजा की माफी कोर्ट से मिली है। अदालत ने उसकी जमानत को अंतिम आदेश मानकर सजा ही माफ कर दी।
 

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में उम्रकैद काट रहे इस कैदी को यह राहत दी है। मालदा के निवासी रसिक चन्द्र मंडल की उम्र 105 साल हो चुकी थी, इस वजह से उनको राहत मिल पाई। अदालत ने 2024 में मिली जमानत को अंतिम आदेश मानते हुए बची सजा माफ कर दी। मंडल को 1994 में 68 साल की उम्र में उम्रकैद हुई थी।