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Vedanta Plant Blast : 16 मौत, 20 झुलसे, 05 गंभीर, कई मजदूर अब भी फंसे

 

RNE Chhattisgarh. 
 

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक स्थित सिंघीतराई गांव में वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर ट्यूब ब्लास्ट में 16 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर ने मौतों की पुष्टि की है।

घटना दोपहर करीब ढाई बजे हुई, जब प्लांट के बॉयलर में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि मौके पर ही कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए और प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 4 मजदूरों की मौत घटनास्थल पर, 10 की रायगढ़ अस्पताल में और 2 की रायपुर में इलाज के दौरान हुई। घायलों को रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

रेस्क्यू जारी, बढ़ सकता है आंकड़ा : 

हादसे के बाद SDRF की टीम मौके पर पहुंची और देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। आशंका जताई जा रही है कि कुछ मजदूर अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं। इस कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्लांट परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि हालात काबू में रखे जा सकें।

सुरक्षा इंतजामों पर सवाल :

हादसे के बाद प्लांट प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जाती रही है। सूत्रों के अनुसार, मजदूरों ने पहले ही संभावित खतरे की जानकारी सुपरवाइजर को दी थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।

जांच के आदेश, राजनीतिक हलचल तेज : 

जिला प्रशासन ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज ने 10 सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जिसका संयोजक पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल को बनाया गया है।

मुआवजे की घोषणा : 

प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। वहीं, मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है।