भारतीय रेलवे का ऐतिहासिक कारनामा : 99.6% रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा
RNE Network.
भारतीय रेलवे ने मार्च 2026 तक एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने कुल 69,873 किलोमीटर रूट का लगभग 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि भारत को दुनिया की प्रमुख रेल प्रणालियों में अग्रणी स्थान पर पहुंचाती है।
2005 से 2014 के शुरुआती वर्षों में रेलवे विद्युतीकरण की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। उस दौर में औसतन प्रतिदिन केवल 1.42 किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण हो रहा था और फोकस मुख्य रूप से हाई-डेन्सिटी कम्यूटर तथा इंटरसिटी रूट्स तक सीमित था। इसके बाद 2014 से 2020 के बीच भारतीय रेलवे ने विद्युतीकरण अभियान में उल्लेखनीय तेजी लाई। निवेश और संसाधनों में बढ़ोतरी के कारण नेटवर्क विस्तार के साथ-साथ इसकी परिचालन क्षमता और स्थायित्व भी मजबूत हुआ।
वहीं 2020 से 2026 के दौरान मिशन मोड में चलाए गए अभियान ने इस परिवर्तन को नई गति दी। इस अवधि में प्रतिदिन 15 किलोमीटर से अधिक रूट का विद्युतीकरण हुआ, जिससे रेलवे नेटवर्क का दायरा लगभग दोगुना हो गया। मार्च 2026 तक भारत का ब्रॉड गेज नेटवर्क लगभग पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुका है।
इस उपलब्धि के साथ भारतीय रेलवे ने विद्युतीकरण के मामले में यूरोपीय संघ, यूके और अमेरिका की कई प्रमुख रेल प्रणालियों को भी पीछे छोड़ दिया है। रेलवे का यह परिवर्तन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उच्च परिचालन क्षमता, कम कार्बन उत्सर्जन, ईंधन पर निर्भरता में कमी और संचालन लागत में बड़ी बचत जैसे कई महत्वपूर्ण लाभ भी सुनिश्चित हुए हैं।