Indian Railway Strict Action : महिला कोच में घुसे तो टिकट जब्त, 2500 जुर्माना, उतरना भी पड़ेगा
RNE Railway News.
भारतीय रेलवे ने महिला यात्रियों की सुरक्षा और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब महिला आरक्षित (लेडीज) कोच में बिना अनुमति यात्रा करने वाले पुरुष यात्रियों पर ढाई हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। नए जनविश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद रेलवे ने इस नियम को और सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है।
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी सौरभ जैन ने बताया कि महिला डिब्बों की व्यवस्था महिलाओं को सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए की गई है। इसलिए इन कोचों में अनधिकृत प्रवेश या यात्रा नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और दोषी यात्रियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी।
RPF जवान भी कर सकेंगे कार्रवाई:
उन्होंने बताया कि कई बार सामान्य कोचों में भीड़ या जल्दबाजी के कारण पुरुष यात्री लेडीज कोच में चढ़ जाते हैं, लेकिन अब ऐसी लापरवाही भी महंगी पड़ सकती है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), टिकट जांच स्टाफ और अन्य कर्मचारी समय-समय पर महिला डिब्बों में विशेष जांच अभियान चलाकर नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे।
मौके पर ही होगी कार्रवाई :
संशोधित प्रावधानों के तहत नियम तोड़ने वाले पुरुष यात्रियों से मौके पर ही 2500 रुपये तक जुर्माना वसूला जा सकता है। इसके अलावा संबंधित यात्री का टिकट या पास जब्त किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर रेलवे कर्मचारी या सुरक्षा बल ऐसे यात्री को महिला डिब्बे से बाहर भी उतार सकते हैं।
12 वर्ष तक के बच्चों को छूट
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे अपनी महिला अभिभावक के साथ महिला आरक्षित डिब्बे में यात्रा कर सकते हैं। यह रेलवे नियमों के तहत अनुमत है।
जानिए क्या है धारा 162 :
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 162 के अनुसार यदि कोई पुरुष यात्री यह जानते हुए भी कि कोच, सीट, बर्थ या कंपार्टमेंट महिलाओं के लिए आरक्षित है, उसमें प्रवेश करता है, यात्रा करता है या गार्ड के निर्देश के बावजूद स्थान खाली नहीं करता, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यात्रियों से अपील :
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि ट्रेन में चढ़ने से पहले कोच पर अंकित श्रेणी और आरक्षण संबंधी संकेत अवश्य देखें तथा निर्धारित श्रेणी में ही यात्रा करें, ताकि महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा का वातावरण बना रहे।