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Railway : हरियाणा की मिट्टी ट्रेनों में भरकर जा रही जम्मू, इसलिए उठाया रेलवे ने बड़ा कदम 

रोहतक जंक्शन से 3 कोच, जाखल स्टेशन से 3 कोच और गोहाना जंक्शन से 3 कोच एक साथ इंजन में जोड़कर जम्मू भेजे गए हैं

 

रेलवे विभाग द्वारा हरियाणा की मिट्टी को ट्रेनों में भरकर जम्मू लेकर जा रहे है। इसके लिए रेलवे विभाग द्वारा मालगाड़ी का प्रयोग किया जा रहा है। आपको बता दे कि पंजाब व जम्मू में जलभराव हो चुका है। बाढ़ आने के चलते जम्मू रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसलिए इस रेलवे लाइन की मरम्मत के लिए मिट्टी की जरूरत है।

ऐसे में रेलवे विभाग द्वारा मिट्टी को मालगाड़ी में लोड करके जम्मू लेकर जा रहे है। हालांकि रेलवे ने पहले से मिट्टी से लादकर खड़े किए गए कोच को रवाना किया गया है। जिससे वहां पर ट्रैक की मरम्मत के लिए प्रयोग किया जाएगा। फिलहाल बाढ़ के कारण जम्मू के कई क्षेत्रों में ट्रैक टूट गया है। इसे जल्द दुरुस्त करने के लिए रोहतक व आसपास के क्षेत्र की में मिट्टी अच्छी मानी जाती है। क्योंकि इसे सीधे ट्रैक के बराबर लगाकर ट्रैक को बनाया जा सकता है।

रोहतक जंक्शन से 3 कोच, जाखल स्टेशन से 3 कोच और गोहाना जंक्शन से 3 कोच एक साथ इंजन में जोड़कर जम्मू भेजे गए हैं। इनमें प्रत्येक कोच में औसतन 61 टन मिट्टी लादी गई है। यह सभी कोच एक इंजन में जोड़कर रवाना कर दिए गए हैं। इसके लिए रेलवे मुख्यालय की तरफ से स्टेशनों को मिट्टी भेजने का निर्देश जारी किया था।

यह सभी कोच जुलाई माह में मिटटी से लादकर यार्ड में खड़े कर लिए गए थे। इसके पीछे रेलवे ने बरसात के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भेजने का हवाला दिया था। इसके लिए विभिन्न कोच, जाखल स्टेशन से 3 कोच और गोहाना जंक्शन से 3 कोच एक साथ इंजन में जोड़कर जम्मू भेजे गए हैं। 

रद्द ट्रेन ट्रैक पर आने में लगेंगे दो दिन

जम्मू दिल्ली रेलवे लाइन पर जम्मू तक जाने वाली 4 ट्रेन रद्द हैं। इनके पटरी पर आने में अभी दो दिन का समय लगने की संभावना जताई गई है, क्योंकि शुक्रवार की शाम तक जम्मू में मिट्टी पहुंची है। इसके बाद उसे ट्रैक के पास लगाकर ट्रैक की मरम्मत करने का काम शुरू होगा। यह काम पूरा होने के बाद इंजन चलाकर ट्रायल होगा। इसमें दो दिन का समय लग सकता है। इसके बाद ही ट्रेनों का संचालन शुरू हो पाएगा।

रोहतक स्टेशन अधीक्षक बलवान मीणा ने बताया कि सूखी मिट्टी से लदे वैगन जम्मू में भेजे गए हैं। यह काफी समय पहले ही मिट्टी से भरकर यार्ड में खड़े किए गए थे। जिससे जम्मू में ट्रैक को दुरुस्त करने का काम होगा। वहां पर ट्रैक ठीक होने के बाद ही ट्रेनों का संचालन शुरू हो पाएगा।