Railway : साबरमती-जम्मूतवी एक्सप्रेस को कटरा तक बढ़ाया, देशनोक में ठहराव, ऐसे में करणीमाता से वैष्णोदेवी तक सीधी ट्रेन
Rudra News Express Bikaner.
नवरात्रा के मौके पर रेलवे ने राजस्थानवासियों को देवी दर्शन का तोहफा दिया है। खासतौर पर बीकानेर, हनुमानगढ़, जोधपुर, नागौर, आबू रोड ,पाली मारवाड़ और आस-पास के लोग अब बगैर ट्रेन बदले सीधे वैष्णोदेवी माता का दरबार कटरा तक पहुँच सकेंगे। यह सुविधा साबरमती-जम्मूतवी एक्सप्रेस का विस्तार करने से हुई है। इस ट्रेन का विस्तार श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा तक कर दिया है।ऐसे में जम्मूतवी में ट्रेन बदलने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा और वे सीधे कटरा तक रेल यात्रा कर सकेंगे। यहाँ एक दिलचस्प बात यह भी है की यह ट्रेन दुनियाभर में ख्यातनाम चूहों वाली माता के मंडरी देशनोक धाम में ठहरती है। ऐसे में करणी माता से वैष्णो देवी कटरा तक सीधी ट्रेन सुविधा उपलब्ध हो गई है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार साबरमती बीजी-जम्मू तवी ट्रेन का श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा तक विस्तार किया गया है उन्होंने बताया कि गाड़ी संख्या 19223, साबरमती बीजी-श्रीमातावैष्णोदेवी कटरा रेलसेवा जो दिनांक 18.10.26 से साबरमती बीजी से प्रस्थान करेगी वह जम्मूतवी के स्थान पर श्रीमातावैष्णोदेवी कटरा तक संचालित होगी।
इसी प्रकार गाडी संख्या 19224, श्रीमातावैष्णोदेवी कटरा-साबरमती बीजी रेलसेवा जो दिनांक 20.10.26 से जम्मूतवी के स्थान पर श्रीमातावैष्णोदेवी कटरा से प्रस्थान करेगी। ट्रेन के विस्तार के साथ मार्ग में तीन नए स्टेशनों पर ठहराव की सुविधा भी दी गई है। इनमें साम्बा,बाड़ी ब्राह्मण और शहीद कप्तान तुषार महाजन स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर ठहराव होने से आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी रेल यात्रा में सुविधा मिलेगी। इससे जम्मू क्षेत्र के प्रमुख स्टेशनों तक पहुंचना आसान होगा।
बुजुर्गों और परिवारों को खास राहत
कटरा तक सीधी ट्रेन मिलने से वैष्णोदेवी दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को सामान लेकर एक ट्रेन से दूसरी ट्रेन में जाने की जरूरत नहीं रहेगी। खासकर बुजुर्गों,महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को इससे राहत मिलेगी। पश्चिमी राजस्थान से जम्मू-कश्मीर के प्रमुख धार्मिक स्थल तक सीधी रेल सुविधा मिलने से यात्रियों का सफर अधिक सुविधाजनक होगा और क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी।