{"vars":{"id": "127470:4976"}}

Army Day Parade Jaipur : सेना दिवस पर जयपुर में दिखा शौर्य और पराक्रम, ब्रह्मोस मिसाइल बनी आकर्षण

जयपुर की सड़कों पर सेना का शौर्य देख रोमांचित लोगों ने नारे लगाए "भारत माता की जय"
 

RNE Jaipur. 
 78वें सेना दिवस के अवसर पर गुरूवार को जयपुर में मुख्य परेड का आयोजन हुआ। जगतपुरा के महल रोड़ पर हुई परेड के दौरान भारतीय सेना के जवानों ने शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया। इस दौरान सेना की आधुनिक सैन्य और युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही स्वदेशी तकनीक से विकसित मिसाइल प्रणालियां, अत्याधुनिक टैंक, सैन्य वाहन, ड्रोन, एंटी एयर और एंटी टैंक हथियारों के माध्यम से सेना की सामरिक शक्ति की जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई। 

सेना के विभिन्न रेजीमेंट के जवानों ने परेड में भाग लिया। परेड में नेपाल के आर्मी बैण्ड ने भी शामिल होकर दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और मित्रता का संदेश दिया। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर की झांकी, ब्रह्मोस मिसाइल और हेलिकॉप्टर आधारित हथियार प्रणाली इस परेड का मुख्य आकर्षण रहे। 

इसके अलावा विभिन्न लोक नृत्यों की भी प्रस्तुति हुई। इनमें कालबेलिया और गैर-नृत्य शामिल हैं। परेड की शुरूआत में सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने देश की अक्षुणता की रक्षा के लिए शहीद हुए जवानों के परिजनों को सेना मेडल प्रदान किए। 

परेड को देखने राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा सहित राज्य कैबिनेट मंत्री पहुंचे। इसके अलावा भारतीय सेना के अधिकारी और जवान बड़ी संख्या में शामिल हुए। परेड में आत्मनिर्भर भारत की झलक देखने को मिली। परेड में देश में निर्मित ब्रम्होस मिसाइल, अर्जुन टैंक, धु्रप तोप और अत्याधुनिक डॉन और रोबोटिक डॉग्स के साथ—साथ भैरव बटालियन का प्रदर्शन भी देखने को मिला। सेना की विभिन्न रेजीमेंटों के जवानों ने परेड में भाग लेकर अपनी विशिष्ट वर्दियों, परंपराओं और युद्ध-कौशल का प्रदर्शन किया। 

परेड में राजस्थान सहित अन्य राज्यों की लोककला, संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। प्रदेश के हजारों लोग तीन किलोमीटर लम्बे क्षेत्र में आयोजित हुई इस परेड के साक्षी बने। इन सबके बीच जयपुर की सड़कों पर सेना का शौर्य देख रोमांचित लोगों ने नारे लगाए "भारत माता की जय।

परेड के बाद मीडिया से बातचीत में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना वर्तमान चुनौतियों के साथ भविष्य की जरूरतों के आधार पर तैयारी कर रही है। इसे देखते हुए कई नयी इकाइयां खड़ी की गयी हैं, जिसकी झलक परेड में देखने को मिली। 

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भता एक लक्ष्य नहीं बल्कि यह रणनीतिक आवश्यकता भी बन चुकी है। सेना दिवस के उपलक्ष्य में शाम को एसएमएस स्टेडियम में शौर्य संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भाग लेंगे। शौर्य संध्या को ध्यान में रखते हुए शहर में शाम 4 बजे से 8 बजे तक यातायात व्यवस्था में विशेष बदलाव किए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।