Rajasthan News : Sikar में Birthday पार्टी के नाम पर सामूहिक धर्मांतरण का प्रयास, 03 गिरफ्तार, बढ़ा तनाव
RNE Sikar-Rajasthan.
राजस्थान के सीकर जिले के गुंगारा गांव में कथित सामूहिक धर्मांतरण के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। बेटी के जन्मदिन समारोह के बहाने आयोजित एक कार्यक्रम में लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने और प्रलोभन देने के आरोप में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया और ग्रामीणों के विरोध के बीच पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुबावत ने बताया कि गुंगारा निवासी सुरेश कुमार धींवा ने 5 जून को अपनी बेटी के जन्मदिन पर एक कार्यक्रम आयोजित किया था। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने हिंदू धर्म के खिलाफ टिप्पणियां कीं और उपस्थित लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही कथित रूप से विभिन्न प्रकार के प्रलोभन भी दिए गए।
मुख्य आरोपी पर गांव-गांव धर्मांतरण अभियान चलाने का आरोप :
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अशोक कुमार रैगर, निवासी परसरामपुरा खीरोड़ (नीमकाथाना), लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क बनाकर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहा था। पुलिस के अनुसार वह लोगों को पंजाब के जालंधर तक ले जाने की व्यवस्था भी करता था।
वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण दादिया थाने पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद पुलिस ने राजस्थान धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध कानून के तहत मामला दर्ज कर अशोक कुमार रैगर, रोशन कुमार और सुरेश कुमार धींवा को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी में मिला धार्मिक साहित्य :
पुलिस ने आरोपी सुरेश कुमार के घर की तलाशी के दौरान धार्मिक साहित्य, क्रॉस के चिन्ह और अन्य सामग्री बरामद करने का दावा किया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।गांव के लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में पिछले करीब दो वर्षों से इस प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। हालांकि पुलिस अभी सभी आरोपों की जांच कर रही है और मामले के हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
विहिप ने सौंपा ज्ञापन :
मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठन के पदाधिकारियों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कथित जबरन धर्मांतरण के अलावा महिला सुरक्षा, मंदिरों में चोरी और अन्य सामाजिक मुद्दों को भी उठाया गया।