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बीकानेर शराब पकड़ने में आगे, कमाई में पिछड़ा!

आबकारी आयुक्त मेहता बोले- टारगेट पूरे करो, सर्कलवार कार्ययोजना बनाकर काम करो!

 

Rudra News Express Udaipur-Bikaner. 

क्या बीकानेर में अवैध शराब का कारोबार ज्यादा हो रहा है जिससे सरकारी शराब ठेकों पर बिक्री कम हो गई है? यह सवाल इसलिए क्योंकि आबकारी विभाग के प्रदर्शन में बीकानेर जोन की तस्वीर विरोधाभासी बनी है। अवैध शराब के खिलाफ 14 से 30 सितंबर तक चलाए गए विशेष निरोधात्मक अभियान की जोनवार रैंकिंग में बीकानेर ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, लेकिन आबकारी राजस्व अर्जन में यह जोन पिछड़ने वालों में शामिल है।  राजस्व के लिहाज से बीकानेर सहित चार जोन की स्थिति की समीक्षा करते हुए आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में आयुक्त नमित ने राजस्व अर्जन, निरोधात्मक गतिविधियों और बकाया वसूली की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की अपेक्षा के अनुरूप राजस्व वृद्धि हासिल करने के लिए गत वर्ष की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत ग्रोथ का लक्ष्य रखकर योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा। अधिकारियों को सर्कलवार लक्ष्य निर्धारित करने होंगे। 

बीकानेर समेत चार जोन पिछड़े : 

आयुक्त मेहता ने अक्टूबर माह में 13 अक्टूबर तक के राजस्व अर्जन की जोनवार और जिलेवार समीक्षा की। इसमें बीकानेर के साथ कोटा, भरतपुर और उदयपुर जोन की राजस्व प्रगति में सुधार की जरूरत सामने आई। इन जोन के अतिरिक्त आबकारी आयुक्तों को राज्य के औसत राजस्व स्तर तक पहुंचने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया। प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, श्रीगंगानगर, दौसा, बूंदी, धौलपुर और कोटा सहित विभिन्न जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों को भी राजस्व लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि अक्टूबर के शेष 15 दिनों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर टीम को सक्रिय किया जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्य की दिशा में अपेक्षित प्रगति हो सके।

निरोधात्मक अभियान में बीकानेर नंबर-1 : 

राजस्व के मामले में पिछड़ने के बावजूद निरोधात्मक कार्रवाई में बीकानेर जोन ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। 14 से 30 सितंबर तक चले विशेष अभियान की जोनवार रैंकिंग में बीकानेर पहले, भरतपुर दूसरे, जयपुर तीसरे, अजमेर चौथे, उदयपुर पांचवें, जोधपुर छठे और कोटा सातवें स्थान पर रहा। जालोर, पाली, बहरोड़, टोंक, करौली, सीकर, बाड़मेर, नागौर, धौलपुर और चूरू सहित कई क्षेत्रों का प्रदर्शन कमजोर पाया गया। रैंकिंग में अंतिम स्थानों पर रहे कोटा और जोधपुर के उपायुक्त निरोधक दल को भी प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए कहा गया।