BJP जिला परिषद टिकट : एक पूर्व अध्यक्ष के परिजन मैदान में, पूर्व विधायक की पत्नी को टिकट की इनकार!
Rudra News Express Bikaner.
भारतीय जनता पार्टी की सोमवार को जयपुर में हुई मीटिंग में बीकानेर जिला परिषद के लगभग सभी 41 वार्डों के टिकट फाइनल हो गए। इनमें दो-तीन टिकट पर परिस्थति के अनुरूप देर रात या मंगलवार सुबह तक निर्णय होने की संभावना है। जयपुर में हुई पार्टी की उच्चस्तरीय मीटिंग में टिकटों पर अंतिम मोहर लगी। इस मीटिंग में मुख्यमंत्री भाजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया, विधायक डॉक्टर विश्वनाथ मेघवाल, ताराचंद सारस्वत, अंशुमानसिंह भाटी, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नोखा से विधानसभा प्रत्याशी रहे बिहारीलाल बिश्नोई सहित संभाग एवं जिले के प्रभारी आदि मौजूद रहे।
विधायकों की लिस्ट पर मुहर, परिजनों को टिकट नहीं :
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिला परिषद सदस्य के लिए मोटे तौर पर उन सभी नामों पर मुहर लगी है जो विधायकों की लिस्ट में शामिल थे। इसके अलावा अध्यक्ष और प्रमुख नेताओं की ओर से सुझाए गये सर्वे में मजबूत कैंडीडेट भी इस लिस्ट में शामिल है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता, पूर्व अध्यक्ष के परिवार से भी टिकट की चर्चा है। सामान्य वर्ग के नेताजी के परिवार से टिकट को जिला प्रमुख के दावे से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा एक पूर्व विधायक की पत्नी के नाम पर मीटिंग में मुहर नहीं लगने की भी जानकारी सामने आई है।
फोन पर सूचना, कल नामांकन :
भाजपा ने फिलहाल लिस्ट जारी नहीं की है। पार्टी की स्ट्रेटेजी है कि सभी को फिलहाल फोन पर सूचना दी जाए। बाद में लिस्ट जारी की जाएगी। हालांकि मोटे तौर पर टिकटों को लेकर बड़े असंतोष की बात फिलहाल सामने नहीं आई है लेकिन फिर भी पूरी सतर्कता बरतने के कहा है। स्थानीय नेताओं से लेकर विधायकों, पूर्व विधायकों, प्रभारियों को भी सभी को टटोलकर पार्टी को एकजुट रखने की बात कही गई है।
04 पंचायत समितियों के टिकट भी फाइनल :
पहले चरण में बीकानेर की जिन 04 पंचायत समितियों में चुनाव है उनके टिकटों पर भी सोमवार को मोहर लग गई। खजूवाला, पूगल, छत्तरगढ़ और रुणीया पंचायत समिति के चुनाव भी पहले चरण में होने हैं। इनमें पंचायत समितियों का ज्यादातर हिस्सा खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र का है।
बीकानेर में आज तक नहीं बना भाजपा का प्रमुख :
भाजपा के लिए यह चुनाव अत्यधिक चुनौतीपूर्ण है। वजह-बीकानेर जिले में आज तक भाजपा का जिला प्रमुख एक बार भी नहीं बना है। ऐसे में जिला प्रमुख बनाना बड़ी टास्क है। जिले में 07 में से 06 विधायक भाजपा के हैं। सांसद भी भाजपा के हैं। हाल ही संभाग मुख्यालय वाले नगर निगम में भाजपा की हार से पार्टी की किरकिरी हुई है। वजह, पूरे राजस्थान में महज एक बीकानेर नगर निगम ऐसा है जहां भाजपा बोर्ड नहीं बना पाई। ऐसे में पहली बार जिला प्रमुख बनाकर पार्टी अपनी इस हार का बदला भी ले सकती है।