सेना के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर मंथन आज से, जयपुर में संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन में शामिल होंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीडीएस जनरल अनिल चौहान
RNE Network.
देश की सैन्य शक्ति को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप और अधिक आधुनिक, सक्षम तथा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आज गुरुवार से जयपुर में सेना के संयुक्त कमांडरों का दो दिवसीय महत्वपूर्ण सम्मेलन शुरू होगा। सम्मेलन में रक्षा मंत्री और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष शामिल होकर सशस्त्र बलों की रणनीतिक तैयारियों और उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर मंथन करेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार “नए क्षेत्रों में सैन्य क्षमता” विषय पर आयोजित यह सम्मेलन ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में भविष्य के युद्धों की बदलती प्रकृति, तकनीकी चुनौतियों और आधुनिक सैन्य क्षमता विकसित करने की रूपरेखा विकसित की जाएगी। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में साइबर युद्ध, अंतरिक्ष सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित रक्षा प्रणालियां और मनोवैज्ञानिक युद्ध जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। सैन्य विशेषज्ञ और शीर्ष कमांडर इन क्षेत्रों में भारत की तैयारियों की समीक्षा करने के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नई रणनीतियों का खाका तैयार करेंगे।
सम्मेलन के दौरान स्वदेशी तकनीक से विकसित अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों और सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य के युद्ध और सामरिक रणनीतियों से जुड़े नए सैन्य सिद्धांत जारी किए जाने की संभावना है। बैठक का मुख्य उद्देश्य रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देना और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता को नई गति देना है।