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Bus Operators Strike : राजस्थान में बसों का होगा चक्का जाम, निजी बस ऑपरेटर्स ने लिया फैसला 

प्रदेशभर के रुटों पर चलने वाली बस नहीं मिलने के कारण यात्रियों को परेशानी होगी। अगर 24 जनवरी यानी शनिवार को अगर किसी महत्वपूर्ण काम के लिए जाना हो तो आपको परेशानी हो सकती है,
 

राजस्थान के निजी बस ऑपरेटर्स के फैसले ने यात्रियों की परेशानी को बढ़ा दिया है। निजी बस ऑपरेटर्स ने एक दिवसीय हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है और इस दौरान प्रदेशभर की निजी बस का चक्का जाम रहेगा। इस दौरान प्रदेशभर के रुटों पर चलने वाली बस नहीं मिलने के कारण यात्रियों को परेशानी होगी। अगर 24 जनवरी यानी शनिवार को अगर किसी महत्वपूर्ण काम के लिए जाना हो तो आपको परेशानी हो सकती है, क्योंकि कई महत्वपूर्ण रुट पर निजी बसों का संचालन होता है, ऐसे में उन रुट पर बस की सुविधा नहीं मिल पाएगी। हालांकि निजी बस संचालकों ने एक दिवसीय हड़ताल का ही फैसला लिया है। हालांकि रोडवेज रोडवेज की बसें पहले की तरह ही चलती रहेगी। 

बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से केन्द्र की नीति के खिलाफ बसों पर कार्रवाई की जा रही है। जिसके चलते बस ऑपरेटर्स में नाराजगी है। ऐसे में शनिवार को चक्का जाम कर बस ऑपरेटर्स प्रदर्शन करेंगे।

अनिश्चितकालीन चक्का जाम का ले सकते हैं फैसला 

राजस्थान में निजी बस ऑपरेटर्स पहले भी अनिश्चितकालीन चक्का का फैसला ले चुके है। जहां पर कई दिन तक बस रुकी रहने के कारण यात्रियों को परेशानी हुई थी। ऑल राजस्थान कॉन्ट्रेक्ट कैरिज बस ऑपरेटर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मदन यादव ने बताया कि बैठक आयोजित कर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि शनिवार को प्रस्तावित चक्का जाम हड़ताल का समर्थन किया जाएगा। समय रहते समाधान नहीं किया जाता है तो ऑल राजस्थान कॉन्ट्रेक्ट कैरिज बस ऑपरेटर एसोसिएशन प्रदेश के सभी बस संगठनों के साथ मिलकर पूर्ण रूप से अनिश्चितकालीन चक्का जाम हड़ताल करेगा।

बस ऑपरेटरों ने लगाया ये आरोप

बस ऑपरेटरों का कहना है कि केंद्र सरकार ने 1 सितंबर 2025 से बसों से जुड़े जो नए नियम लागू किए गए हैं, उनका आरटीओ स्तर पर गलत तरीके से उपयोग किया जा रहा है। नियमों की आड़ में मनमानी कार्रवाई हो रही है, जिससे निजी बस संचालन प्रभावित हो रहा है।

ये है प्रमुख मांगें

-ग्रामीण बसों पर लगे कैरियर को हटाने का निर्देश नियम विरुद्ध।
-एमपी, यूपी की तर्ज पर एआईटीपी परमिट बसों पर राजस्थान में भी उसी अनुपात में टैक्स निर्धारित हो।
-फायर अलार्म सिस्टम चेसिस निर्माणकर्ता कंपनी द्वारा लगाया जाना चाहिए।