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Rajasthan New Guidelines : राजस्थान में हाईवे किनारे जमीन खरीदा अब हुआ जोखिम भरा, सरकार ने नई गाइडलाइन की जारी 

 

राजस्थान में अगर आप नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे के पास जमीन खरीदने का प्लान बना रहे है तो यह आपके लिए जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि पहले हाईवे किनारे प्लाट खरीदना फायदे का सौदा माना जाता था लेकिन राजस्थान सरकार की तरफ से जारी की गई नई गाइडलाइन ने अब इन सौदों को जोखिम भरा बना दिया है। ऐसे में आपको महंगी जमीन खरीदने के बाद भारी झटका लग सकता है।

अब नेशनल व स्टेट हाईवे किनारे निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी और अगर अवैध तरीके से निर्माण करना चाहा तो ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय और राज्य मार्गों के आसपास निर्माण को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राजस्थान से निकलने वाले जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग, जयपुर-गंगापुर स्टेट हाईवे, चाकसू क्षेत्र से जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग तथा जमवारामगढ़ सहित दूसरे नेशनल व राज्य मार्ग के किनारे पर पहले से होटल, ढाबे व अन्य निर्माण की बाहर आई हुई है।  इसके कारण हाईवे किनारे जमीनों के रेट आसमान को छू रहे है, लेकिन अब इन जगहों पर प्लाट खरीदना नुकसान का सौदा हो सकता है। 

नेशनल हाईवे पर 75 मीटर दायरे में निर्माण प्रतिबंधित

नेशनल व स्टेट हाईवे की सेंटर लाइन से दोनों ओर 75-75 मीटर (करीब 246 फीट) तक किसी भी प्रकार का आवासीय या व्यावसायिक निर्माण प्रतिबंधित रहेगा। इस दायरे में केवल सड़क से संबंधित आवश्यक सुविधाएं या सरकारी कार्य ही स्वीकृत होंगे। पहले नियमों में ढिलाई के कारण कई स्थानों पर इमारतें सीधे हाईवे किनारे खड़ी हो गई थी, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा।

ग्रामीण सड़कों पर भी सख्ती

ग्रामीण मार्गों पर भी सेंटर लाइन से लगभग 15.5 मीटर (करीब 50 फीट) तक निर्माण नहीं किया जा सकेगा। गांवों में अक्सर सड़क किनारे मकान बना दिए जाते हैं, जिससे भविष्य में सड़क चौड़ाईकरण के दौरान अड़चन आती है। नई गाइडलाइन से सड़क के दोनों ओर खाली पट्टी सुरक्षित रहेगी और यातायात सुगम होगा।