BLINKIT डार्क स्टोर में फटा दूध, गंदे कैरेट में चिकन; 164 पैकेट खाद्य सामग्री नष्ट, घी के 2 सैंपल लिए
Blinkit ब्लिंकिट डार्क स्टोर में 13 डिग्री तापमान पर रखा मिला पनीर-चीज, फटे पैकेट से रिस रहा था दूध
Rudra News Express Jaipur.
जयपुर शहर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में ब्लिंकिट के एक डार्क स्टोर में खाद्य पदार्थों के भंडारण को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। विश्वा नगर, न्यू सांगानेर रोड, सोडाला स्थित डार्क स्टोर के निरीक्षण के दौरान पनीर और चीज करीब 13 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखे मिले, जबकि दूध के कुछ पैकेट फटे हुए थे और उनमें से दूध रिस रहा था। विभाग ने निर्धारित तापमान पर भंडारण नहीं होने के कारण 164 पैकेट खाद्य सामग्री मौके पर ही नष्ट करवाई। घी में मिलावट की आशंका पर दो सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं।
यह कार्रवाई राज्य सरकार के ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत की गई। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ के निर्देश और खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय खाद्य सुरक्षा दल ने डार्क स्टोर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दूध के गंदे कैरेट में ही चिकन के पैकेट रखे मिले। आटे के कट्टे फिनाइल के साथ रखे पाए गए। कुछ खाद्य सामग्री बिना पैलेट के जमीन पर रखी थी। स्टोर की छत का प्लास्टर उखड़ा हुआ था, रैक पर जंग लगी थी और उसके नीचे का फर्श भी गंदा मिला। बिक्री के लिए रखे तेल के पैकेट भी अत्यधिक गंदे पाए गए।
मेडिकल सर्टिफिकेट और पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड भी नहीं :
विभागीय टीम को फूड हैंडलर्स के निर्धारित प्रारूप में मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं मिले। परिसर में पेस्ट कंट्रोल का प्रमाण-पत्र और लॉग रजिस्टर भी नहीं था। लोडिंग-अनलोडिंग क्षेत्र में गंदगी और थूक की पीक मिली। खाद्य सामग्री निकालने के लिए कर्मचारियों के रैक पर जूते पहनकर चढ़ने की बात भी सामने आई।
घी के दो सैंपल जांच के लिए :
अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के अनुसार, खाद्य सामग्री के निर्धारित तापमान पर भंडारण में कमी मिलने के कारण 164 पैकेट सामग्री नष्ट करवाई गई है। वहीं घी के दो सैंपल खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत जांच के लिए लिए गए हैं।
अब इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की अगली दिशा तय होगी। विभाग के अनुसार यदि घी मिलावटी अथवा निर्धारित गुणवत्ता से कम पाया जाता है तो संबंधित फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दंडात्मक और न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी।