Ebola Allert : कांगो में 82 मौतें, जयपुर पहुंची युवती में लक्षण, भारत में बढ़ी चौकसी, दुनिया भर में बढ़ी चिंता
RNE New Delhi-Jaipur.
अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इबोला के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 452 हो गई है, जबकि 82 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटों में 71 नए मामलों के सामने आने से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। संक्रमण मुख्य रूप से इतुरी और नॉर्थ किवु प्रांतों में फैल रहा है और इसके पीछे इबोला का दुर्लभ "बुंडिबुग्यो स्ट्रेन" बताया जा रहा है।
जयपुर में Ebola की आशंका, युवती हॉस्पिटल में भर्ती :
इसी बीच भारत में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में इबोला का पहला संदिग्ध मामला सामने आया है। युगांडा से जयपुर घूमने आई 19 वर्षीय युवती को एयरपोर्ट स्क्रीनिंग के दौरान संदिग्ध पाए जाने पर राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। युवती में सिरदर्द, पेट दर्द और भूख नहीं लगने जैसे लक्षण पाए गए हैं। हालांकि चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि अभी इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। युवती के नमूने जांच के लिए पुणे भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने तक उसे क्वारंटाइन रखा जाएगा। उसके साथ यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों को भी निगरानी में रखा गया है।
Chhattisgarh में 03 क्वारंटाइन :
उधर, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। कांगो, युगांडा और इथियोपिया से लौटे तीन लोगों को एहतियातन 21 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार तीनों में फिलहाल कोई लक्षण नहीं हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग दिन में दो बार उनकी निगरानी कर रहा है। जिला प्रशासन का कहना है कि एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
Democratic Republic of Congo को आर्थिक मदद :
WHO और अफ्रीका CDC ने इबोला से निपटने के लिए 518 मिलियन डॉलर की विशेष प्रतिक्रिया योजना शुरू की है। वहीं अमेरिका ने भी अतिरिक्त 38 मिलियन डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संक्रमण की श्रृंखला को जल्द नहीं तोड़ा गया तो यह प्रकोप 2014-16 की भयावह इबोला महामारी जैसी स्थिति पैदा कर सकता है।
क्या है इबोला?
* संक्रमित व्यक्ति के रक्त, पसीने, लार या अन्य शारीरिक द्रव्यों के संपर्क से फैलता है।
* हवा के जरिए सामान्य रूप से नहीं फैलता।
* तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द और गंभीर मामलों में रक्तस्राव इसके प्रमुख लक्षण हैं।
* संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद 21 दिन तक निगरानी जरूरी मानी जाती है।