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बाड़मेर में हाईवोल्टेज ड्रामा : विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़का

Barmer : विधायक भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़का, समर्थकों- पुलिस ने बचाया 
 
गिरल माइंस आंदोलन के समर्थन में कलेक्ट्रेट कूच के दौरान बड़ा घटनाक्रम, प्रशासन पर मजदूरों की अनदेखी का आरोप

RNE Barmer- Rajasthan.

राजस्थान की राजनीति में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बाड़मेर कलेक्ट्रेट के बाहर खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद समर्थकों और पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें पकड़ लिया और बड़ा हादसा टाल दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

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यह पूरा घटनाक्रम गिरल लिग्नाइट माइंस में चल रहे श्रमिकों, ड्राइवरों और ग्रामीणों के आंदोलन के दौरान हुआ। विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनकारी लंबे समय से धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को विधायक रविंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आंदोलनकारी बाड़मेर कलेक्ट्रेट के लिए कूच कर रहे थे। इसी दौरान कलेक्ट्रेट पहुंचने पर भाटी ने अचानक अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया और खुद को आग लगाने का प्रयास किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक को ऐसा करते देख समर्थकों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया। कुछ देर के लिए मौके पर हड़कंप मच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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इससे पहले जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने आंदोलन को लेकर प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गिरल माइंस का आंदोलन 11 अप्रैल से जारी है और इसकी गूंज जयपुर से दिल्ली तक पहुंच चुकी है। भाटी ने कहा कि आंदोलनकारी उनके पास आए थे और उन्होंने चुनाव के दौरान जनता से वादा किया था कि हर संघर्ष में उनके साथ खड़े रहेंगे।

उन्होंने कहा कि मजदूर 40 दिनों से 50 से 55 डिग्री तापमान में धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली। भाटी ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों में बैठकर मजदूरों के भविष्य का सौदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारियों से वार्ता की गई, लेकिन किसी स्तर पर सकारात्मकता नहीं दिखाई गई।

विधायक ने गिरल, आकली, थुमली, सोनड़ी और आसपास की माइंसों में पिछले तीन दशकों से मजदूरों के शोषण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि 1994 से लेकर 2026 तक मजदूरों की आवाज को दबाया गया और उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया गया।

सभा में भाटी ने आंदोलनकारियों से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से जिला मुख्यालय तक कूच का आह्वान किया था। विधायक के कूच को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही कलेक्ट्रेट और सर्किट हाउस रोड पर भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर रखी थी।