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Toy Train Holi : राजस्थान के इस शहर में टॉय ट्रेन में 6 घंटे घूमेगी होलिका, फिर होगा दहन

होलिका दहन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। हर बार की तरह इस बार भी जोधपुर शहर होलिका दहन तकनीक और क्रिएटिविटी की नई मिसाल पेश करने जा रहा है
 

होलिका दहन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। हर बार की तरह इस बार भी जोधपुर शहर होलिका दहन तकनीक और क्रिएटिविटी की नई मिसाल पेश करने जा रहा है। करीब 2.75 लाख रुपए की भारी-भरकम लागत और एक महीने की दिन-रात की मेहनत से शहर के अधरशिला, बाबा रामदेव मंदिर, जालोरियों के बास में इस बार होलिका दहन को हॉरर थीम पर तैयार किया जाएगा, जो दर्शकों को नया अनुभव देगी।

टॉय ट्रेन पर 6 घंटे का शाही सफर 

अधरशिला नवयुवक मंडल के कार्यकर्ता संदीप देवड़ा ने बताया कि इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत टेक्नोलॉजी का अनोखा प्रयोग है। होलिका दहन के लिए विशेष रूप से बाहर से एक टॉय ट्रेन मंगवाई है। होलिका दहन से पहले करीब 9 फीट ऊंची होलिका इसी ट्रेन पर सवार होकर 6 घंटे तक घूमेंगी। यह इस तरह का शहर का पहला यूनिक कॉन्सेप्ट है। यहां पिछले दो साल से अलग एक्सपेरिमेंट किए जा रहे हैं, जिसमें अपनी जगह घूमने वाली होलिका ने जोधपुराइट्स को अट्रैक्ट किया था।

हॉरर डेकोरेशन और शाही श्रृंगार

श्री अधरशिला नवयुवक मंडल के कार्यकर्ता जितेंद्र गहलोत पूरे दहन स्थल को हॉरर थीम पर सजाया जाएगा, ताकि दहन के समय माहौल और भी रोमांचक लगे। वहीं होलिका के स्वरूप को भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। स्पेशल ऑर्डर देकर उनके कपड़े सिलवाए गए हैं और आर्टिफिशियल ज्वेलरी से उनका पूरा श्रृंगार किया जाएगा।

कुल खर्च: लगभग 2 लाख 75 हजार रुपए।
तैयारी का समय : पूरे एक महीने की मेहनत।
होलिका की ऊंचाई: करीब 9 फीट।
मुख्य आकर्षण : बाहर से मंगवाई गई स्पेशल टॉय ट्रेन।
थीम टेक्नोलॉजी के साथ हॉरर डेकोरेशन।