Maqsood Ahmed : मेयर से फिर पार्षद चुनाव, वार्ड 78 से वार्ड 18 तक का सफर, मकसूद ने दिखाया दम!
Parshad On Spot : आधी रात को सीवर लाइन साफ करवाते दिखे मकसूद!
Rudra News Express Bikaner.
आधी रात। सर्वोदय बस्ती। गंगाजल बाबा के मकान के आगे का चौक। यहां इक्का-दुक्का लोग बतिया रहे हैं। बातचीत का विषय है पूरे इलाके की जाम हो चुकी सीवर लाइन और गलियों में पसरने से लेकर घरों की दहलीज तक पहुंचता गंदा पानी। बातचीत में पता चलता है कि इस इलाके के नए पार्षद पूर्व मेयर मकसूद अहमद ने वादा किया था, आज ही सीवर लाइन सफाई का काम शुरू करवाऊँगा। इस पर संशय भी था कि इतनी रात को कहाँ से मशीन आएगी और कौन पार्षद जीतने के बाद आधी रात को सफाई जैसे काम के लिए आता है। वह भी ऐसा पार्षद जो मेयर और UIT चेयरमेन जैसे बड़े पदों पर रह चुका है। जो इस वार्ड का वाशिंदा भी नहीं है दूसरे वार्ड से आकर चुनाव जीता है।
देर रात पहुंची सफाई की गाड़ी :
इन चर्चाओं को विराम मिला एक बड़ी-सी गाड़ी की आवाज से। सीवर लाइन साफ करने वाली बड़ी गाड़ी इस मोहल्ले में एंटर हुई और उसके आगे एक कार्यकर्ता के साथ चल रहे मकसूद अहमद। लोग देखने लगे। घरों के दरवाजे खुले। कई लोग एकत्रित हो गए। मकसूद वहीं एक कुर्सी लेकर बैठ गए। मोहलेवासियों से बतियाने और कर्मचारियों को काम की हिदायत देने लगे। देखते ही देखते काम शुरू हुआ। पता चला पीछे काफी दूर से जाम है। ऐसे में मशीन से सफाई लगातार जारी रखने का निर्णय हुआ। अधिकारियों से बात हुई। कहा, जब तक काम पूरा नहीं होगा मशीन यहीं रहेगी और जितने संसाधनों की जरूरत होगी वे उपलब्ध करवाएंगे। ऐसा हुआ भी। आज लगातार दूसरे दिन वहाँ सीवर लाइन सफाई का काम चल रहा है।
बाड़ों से लौटे पार्षद वार्डों में पहुंचे :
दरअसल, बीकानेर नगर निगम चुनाव की चुनावी गहमागहमी खत्म हुई। मेलों में गए सफाई कर्मचारी लौट आए हैं और बाड़ों में बंद पार्षद भी वार्डों में आ गए हैं। अब लोग चाहते हैं कि शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर आए। इसे चुने हुए पार्षद भी अच्छी तरह समझ रहे हैं। यही वजह है कि अब पार्षद फिर से वार्ड की गलियों का राउंड लेने लगे हैं। लोग स्वागत भी कर रहे हैं और काम का उलाहना भी दे रहे हैं। ऐसे में आश्वस्त किया जा रहा है कि अब जल्द व्यवस्था पटरी पर आएगी। इसी कड़ी में पूर्व मेयर और वर्तमान में वार्ड संख्या 18 से पार्षद बने मकसूद अहमद मतदाताओं के प्रति जवाबदेही का अपना पार्षद कर्म निभाते नजर आए।
आधी रात को कोर्ट खुलवा राजस्थान में चर्चित रहे मकसूद :
इस बार पार्षद चुनाव के बाद महापौर चुनाव में जो गहमागहमी देखी गई वैसी पहले कभी नहीं रही। कांग्रेस के पार्षदों को पुलिस के नोटिस मिले। वोटिंग से पहले थाने पहुँचने का आदेश दिया गया। नोटिस पाने वालों में मकसूद अहमद भी शामिल थे। मकसूद ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। आधी रात तक हाईकोर्ट चला। सुनवाई हुई और कोर्ट ने गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी। पूरे राजस्थान में यह मामला चर्चित रहा।
वार्ड के साथ समीकरण बदले, लेकिन मकसूद जीते :
बीकानेर के पहले महापौर और पूर्व यूआईटी चेयरमैन हाजी मकसूद अहमद ने इस चुनाव में अपना पुराना वार्ड छोड़कर वार्ड संख्या 18 से मैदान में उतरकर राजनीतिक तौर पर बड़ा संदेश दिया। मकसूद अहमद मूल रूप से वार्ड संख्या 78 से जुड़े रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने वार्ड 18 से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
वार्ड 18 सामान्य श्रेणी का वार्ड था, जहां मकसूद अहमद का मुकाबला भाजपा के टेकचन्द गहलोत से हुआ। कुल चार प्रत्याशियों के बीच मुकाबले में मकसूद अहमद को 1,856 वोट मिले, जबकि भाजपा के टेकचन्द गहलोत को 1,584 वोट मिले। मकसूद ने 272 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। निर्दलीय संजय भाटी को 488 और बसपा के त्रिलोक चन्द को 121 वोट मिले। वार्ड में कुल 5,281 मतदाता और चार मतदान केंद्र थे।
मेयर के प्रबल दावेदार रहे :
मकसूद की इस जीत का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि वे पहले बीकानेर के महापौर रह चुके हैं और यूआईटी चेयरमैन की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। चुनाव से पहले स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में उनका नाम महापौर पद के संभावित दावेदारों में भी शामिल था। वार्ड 18 से उनका मैदान में उतरना सिर्फ एक पार्षद का चुनाव लड़ने के तौर पर नहीं देखा गया। संकेत था कि उनकी नजर निगम की बड़ी भूमिका पर भी हो सकती है।