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Monsoon in Rajasthan : 53 प्रतिशत ज्यादा बारिश, 19 जिलों में असामान्य, 17 जिलों में अत्यधिक, 5 जिलों में सामान्य बारिश

 

RNE Jaipur.
 

राजस्थान में इस बार मानसून जहां जमकर मेहरबान हुआ वहीं इस मेहरबानी ने सुकून के साथ तबाही भी बरसाई है। मानसून की अगवानी 15 जून से अब तक 95 लोगों की वर्षा जनित घटनाओं में मौत हो चुकी है जबकि 58 लोग घायल हो गए। 
 

53% ज्यादा बारिश : 
 

Rajasthan में इस बार सामान्य से 53 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज हुई है। राज्य में  15 जून से मानसून प्रारम्भ हुआ। इस साल 1 जून से 29 अगस्त तक राज्य में 543.63 मि.मि. वर्षा रेकार्ड की गई जबकि इस अवधि में राज्य में औसत 355.46 मि.मि. होती है। इस वर्ष अब तक औसत वर्षा के मुकाबले 52.94 प्रतिशत अधिक वर्षा  हुई है। राज्य में बांधों की कुल भराव क्षमता 13026.511 M. Cum है। इसके मुकाबले बांधों में 29 अगस्त तक 10830.42 पानी भराव है जो कुल क्षमता का 83.12 प्रतिशत है। 
 

19 जिलों में बेतहाशा बारिश : 
 

15 जून  से 29 अगस्त  तक कुल 19 जिलों अजमेर, बालोतरा, बारां, ब्यावर, बूंदी, दौसा, धौलपुर, डीडवाना-कुचामन, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ, जयपुर, जोधपुर, करौली, कोटा, नागौर, पाली, सवाई माधोपुर, सीकर एवं टोंक में 60 प्रतिशत से अधिक (असामान्य) वर्षा हुई है, 17 जिलों में अत्यधिक वर्षा तथा 5 जिलों में सामान्य वर्षा हुई है।
 

बाढ़, बिजली, हादसे : 
 

राज्य मे मानसून के दौरान 15 जून से  29 अगस्त तक विभिन्न जिलो में अतिवृष्टि के कारण बहने/डूबने से 44 व्यक्तियों, आकाशीय बिजली गिरने से 26 व्यक्तियों, दीवार/मकान गिरने से 25 व्यक्तियों यानि कुल 95 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है तथा 58 व्यक्ति वर्षा जनित हादसों के दौरान घायल हुए हैं।
 

सरकार ने दी इतनी राहत :
 

बाढ़ के दौरान बहने/डूबने से एवं आकाशीय बिजली से मृत्यु पर एस.डी.आर.एफ. नॉर्म्स के अनुसार प्रत्येक मृतक के आश्रित को 4 लाख रूपये की सहायता देय है। आपदा राहत व सहायता विभाग द्वारा बाढ़ से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसम्पतियों के नुकसान होने पर उनके तात्कालिक रिपेयर व रेस्टोरेशन हेतु एस.डी.आर.एफ. नोर्म्स के अर्न्तगत 10 जिलों कोटा, डुगंरपुर, उदयपुर, टोंक, नागौर, प्रतापगढ, राजसंमद, सीकर, सिरोही एवं अलवर में सड़क/पुल, स्कूल/भवन, आंगनबाडी, स्वास्थ्य केन्द्र, सार्वजनिक भवनो  के लिए 147.00 करोड रूपये के 7163 कार्य स्वीकृत किये हैं।
 

इतने बचाव दल : 
 

वर्तमान में राज्य में बाढ बचाव हेतु एस.डी.आर.एफ. की 57 व एन.डी.आर.एफ. की 7 टीमें नियोजित हैं। सभी जिलों में सिविल डिफेंस की टीमें कार्यरत है। मानसून- 2025 के दौरान एन.डी.आर.एफ./एस.डी.आर.एफ. व सिविल डिफेंस की टीमों द्वारा विभिन्न जिलों में बाढ़ मे फँसे 792 व्यक्तियों का रेस्क्यू किया गया है।
 

फंसे लोगों को हैलिकोप्टर से निकाला : 
 

कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर जिलों में गत सप्ताह में अत्यधिक भारी वर्षा के मध्यनजर बाढ़ में फंसे लोगों को एयर लिफ्ट करने एवं त्वरित सहायता पहुचाने के उददे्श्य से कोटा हैलिपेड पर भारतीय वायु सेना का 1 हेलिकोप्टर राहत एवं बचाव हेतु नियोजित किया गया था, साथ ही 1 हेलिकोप्टर जोधपुर एयरपोर्ट पर राहत एवं बचाव हेतु स्टेण्ड बाई मोड पर नियोजित किया गया था।
 

मंत्री मौके पर देख रहे हालात : 
 

सवाई माधोपुर जिले में 23 अगस्त को आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री श्री किरोडी लाल मीणा, गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग श्री भास्कर ए सांवत ने बाढ प्रभावित क्षेत्रो में हवाई सर्वेक्षण एवं बाढ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
 

मीणा ने सवाई माधोपुर में  चकेरी, जडावता, अजनोटी, मेनपुरा, सूरवाल एवं धनोली का हवाई सर्वेक्षण द्वारा बाढ से प्रभावित स्थिति का जायजा लिया। सूरवाल गांव में हवाई सर्वेक्षण के बाद जिला प्रशासन, एस.डी.आर.एफ./एन.डी.आर.एफ/सिविल डिफेंस की बचाव टीमों के साथ बाढ़ से प्रभावित गावों का मौका मुआयना कर आमजन से स्थिति का जायजा लिया गया।
 

ये उपाय और प्रस्ताव : 
 

 मीणा द्वारा सवाई माधोपुर के लटिया नाला की जल भराव क्षमता को बढाने एवं नाले की लाईनिंग करवाने हेतु ‘‘अरबन फ्लड मिटिगेशन’’ के अन्तर्गत डीपीआर बनाने हेतु जिला प्रशासन को निर्देश प्रदान किये गये।
सूरवाल बांध के जल प्रबंधन एवं बांध के डाउन स्ट्रीम में स्थित गांवो में बाढ प्रबंधन एवं जल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सूरवाल बांध को ईआरसीपी से जोडने हेतु डीपीआर बनाने के लिये निर्देश प्रदान किये। कोटा, बूंदी, बारां, सवाई माधोपुर, धौलपुर एवं टोंक जिलों में  21 से 24 अगस्त तक हुई अत्यधिक वर्षा से प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर लगाये गये।