Naharbandi: 13 जिलों में पर्याप्त पेयजल भंडारण नहीं, राजस्थान फीडर की बंदी 10 दिन टालने की मांग
Bikaner कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने अधिकारियों की बैठक ली, एहतियाती इंतजाम का निर्देश
RNE Bikaner- Hanumangarh.
पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच प्रस्तावित नहरबंदी को लेकर पेयजल संकट की आशंका गहरा गई है। 13 जिलों में पर्याप्त पेयजल भंडारण नहीं हो पाने के कारण जल संसाधन विभाग ने राजस्थान फीडर की बंदी 10 दिन के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया है। वहीं संभावित संकट को देखते हुए जिलों के प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं।
Rajasthan की Punjab को चिट्ठी, नहरबंदी टालो:
जल संसाधन उत्तर हनुमानगढ़ के चीफ इंजीनियर प्रदीप रुस्तगी ने जल संसाधन विभाग चंडीगढ़ (पंजाब) के चीफ इंजीनियर (कैनाल) को पत्र लिखकर राजस्थान फीडर (आईजीएफ) की प्रस्तावित बंदी को 10 दिन आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। पत्र में कहा गया है कि राजस्थान फीडर को बंद करने की अवधि 10 दिन के लिए स्थगित कर 30 मार्च 2026 तक पानी की आपूर्ति जारी रखी जाए।
साथ ही 20 मार्च से 30 मार्च 2026 के बीच 10 हजार क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया है, ताकि राजस्थान फीडर की लाइनिंग के कार्य में बाधा डाले बिना प्रदेश के विभिन्न जिलों की पेयजल जरूरतों को पूरा किया जा सके।
20 से नहर बंद कर रहा पंजाब :
जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार द्वारा राजस्थान फीडर में 20 मार्च से 3 मई 2026 तक क्लोजर का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इससे पहले राजस्थान की ओर से शुरुआती 15 दिन आंशिक क्लोजर का प्रस्ताव दिया गया था। इस पर पंजाब ने 21 से 30 मार्च के बीच 2 हजार क्यूसेक पानी देने पर सहमति जताई थी।
सिंचाई - पेयजल साथ होने से स्टॉक नहीं हुआ :
हालांकि फिरोजपुर फीडर की रिलाइनिंग के कारण राजस्थान फीडर में पानी की आपूर्ति पहले ही कम हो गई। उपलब्ध पानी से पेयजल के साथ सिंचाई के लिए भी पानी दिया गया, जिससे पेयजल का पर्याप्त भंडारण नहीं हो पाया। इसी वजह से अब बंदी अवधि 10 दिन स्थगित करने की मांग की गई है।
बीकानेर कलेक्टर चिंतित, विभागों को किया अलर्ट :
इधर संभावित जलसंकट को देखते हुए बीकानेर जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर एहतियाती बंदोबस्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि नहरबंदी के दौरान किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट न हो, इसके लिए अभी से आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने डिग्गियों और जलाशयों को भरने, जल वितरण व्यवस्था दुरुस्त रखने और जरूरत पड़ने पर सीमित या एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की योजना तैयार रखने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) रमेश देव, नगर निगम उपायुक्त यशपाल आहूजा, नगर विकास न्यास के उपायुक्त ऋषि सुधांशु पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इन जिलों में पड़ सकता है असर :
नहरबंदी का प्रभाव बीकानेर, नागौर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर सहित पश्चिमी राजस्थान के 13 जिलों के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पड़ सकता है। विशेष रूप से जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर के रेगिस्तानी इलाकों में पेयजल संकट की आशंका जताई जा रही है।
नहरबंदी: एक नजर में
* प्रस्तावित बंदी : 20 मार्च से 3 मई 2026
* मांग : बंदी 10 दिन आगे बढ़ाकर 30 मार्च से लागू हो
* अतिरिक्त मांग : 20–30 मार्च तक 10 हजार क्यूसेक पानी
* कारण : 13 जिलों में पेयजल भंडारण पर्याप्त नहीं
* वैकल्पिक व्यवस्था : डिग्गियां भरना, सीमित जलापूर्ति योजना