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New Greenfield Expressway : एमपी से राजस्थान तक बनेगा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, नितिन गडकरी ने की घोषणा

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश से राजस्थान तक नई ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे की सौगात दी है।
 

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश से राजस्थान तक नई ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे की सौगात दी है। इसके बाद एमपी व राजस्थान के बीच में बेहतरीन कनेक्टिविटी होगी। मध्यप्रदेश से राजस्थान तक बनने वाले इस एक्सप्रेस वे पर एक लाख करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे मध्यप्रदेश के सागर से राजस्थान के कोटा बनाया जाएगा।

 हालांकि इस हाईवे का नाम कोटा-विदिशा-सागर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे रखा गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 16 हजार करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस एक्सप्रेस वे के निर्माण के बाद मध्यप्रदेश व राजस्थान में व्यापार बढ़ेगा और नए उद्योग स्थापित होंगे। फिलहाल इस एक्सप्रेस वे के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक लाख करोड़ रुपये की घोषणा की है।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने विदिशा में 4400 करोड़ की सड़कों व डाइविंग प्रशिक्षण केंद्र के लोकार्पण, भूमिपूजन कार्यक्रम में उन्होंने कहा, मप्र में 2 लाख करोड़ के काम चल रहे हैं। इसके अलावा एक लाख करोड़ और देंगे। इससे यहां की जरूरतें पूरी होंगी। गडकरी ने 1600 करोड़ रुपए सेंट्रल रोड एड इफ्रास्ट्रक्चर फंड (सीआरआइएफ) में अलग से देने का ऐलान किया।

इसमें से 400 करोड़ विदिशा संसदीय क्षेत्र के लिए होंगे, आठों विधानसभा को 50-50 करोड़ मिल जाएं। सीएम डॉ. मोहन यादव की मांगों पर गडकरी बोले-ग्वालियर से नागपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बन रहा है। अब दिल्ली-ग्वालियर को जोड़ेंगे। 16000 करोड़ से सागर-विदिशा-कोटा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस की भी घोषणा की।

इससे सागर से कोटा की दूरी 75 किमी घटेगी। आगे भोपाल-कानपुर और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे तक जा सकेंगे। सीएम की ओर से 50 हाईवे के लिए 4500 करोड़ के प्रस्ताव पर गडकरी बोले- और सड़कें चिह्नित करें, भूमि की समस्या का समाधान आपका जिम्मा। पैसे हम देंगे।

किसानों को अन्नदाता से ऊर्जादाता बनाएंगे

गडकरी ने कहा, देश में कोई मैटेरियल वेस्ट नहीं। कोई व्यक्ति वेस्ट नहीं। उसका सदुपयोग करना होगा। नागपुर में टॉयलेट का पानी बेचता हूं और 300 करोड़ मिलते हैं। कचरे से सीएनजी बनाते हैं। किसानों को भी आगे बढ़ाना है। किसानों को अन्नदाता से ऊर्जादाता बनाएंगे। किसान हाईड्रोजनदाता, ईंधनदाता, डामरदाता बनेगा।