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New Metro Project : केंद्र सरकार ने राजस्थान को दी नए मेट्रो प्रोजेक्ट की मंजूरी, एयरपोर्ट से होगी सीधी कनेक्टिविटी 

जयपुर मेट्रो के फेज 42 की मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने इसे स्वीकृति दी

 

केंद्र सरकार की तरफ से नए मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर राजस्थान की राजधानी जयपुर को बड़ा तोहफा दिया है। केंद्र सरकार की तरफ से फेज 2 को मंजूरी दी गई है। जयपुर मेट्रो के फेज 42 की मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने इसे स्वीकृति दी। यहा परियोजना प्रहलादपुरा से टोड़ी मोह तक 41 किलोमीटर लंबे उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर विकसित होगी, जिस पर 13,038 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

इसे सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य है और निर्माण कार्य राजस्थान मेट्रो रेल निगम लिमिटेड करेगा। परियोजना की लागत में केंद्र और राज्य सरकार 50-50 प्रतिशत हिस्सा वहन करेंगे। वर्तमान में जयपुर मेट्रो में रोजाना करीब 60 हजार यात्री सफर करते हैं, जबकि फेज-2 शुरू होने पर यह संख्या 30 लाख से अधिक होने का अनुमान है। प्रस्तावित 36 स्टेशनों में 34 एलीवेटेड और 2 अंडरग्राउंड होंगे।

ये क्षेत्र जुड़ेंगे, आवागमन बढ़ेगा

प्रहलादपुरा से टोड़ी मोड़ तक बनने वाले इस कॉरिडोर में सीतापुरा, दुर्गापुरा, गांधीनगर, रामबाग सर्कल, एसएमएस अस्पताल, खासाकोठी, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इसके बाद जयपुर का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम नई ऊंचाइ‌यों पर पहुंचेगा और शहर स्मार्ट मोबिलिटी की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगा।
जेएमआरसी के एमडी वैभव गालरिया बोले

फेज 2 के पैकेज वन (करीब 11 किमी) का वर्क आर्डर दिया है। केंद्र से ऑर्डर निकलने पर काम शुरू कर देंगे। बाकी हिस्सा तीन पैकेज में पूरा करेंगे। वित्त मंत्रालय की अनुमति से एशियन डेवलपमेंट बैंक से 6500 करोड रुपए का लोन लिया जा रहा है।

तीन चरणों में पांच साल में होगा तैयार

यह परियोजना 2055 तक सड़कों से लगभग 2.4 लाख वाहनों को कम करेगी। इसे साढ़े पांच साल में पूरा करने की उम्मीद है। इस मंजूरी के साथ देश में कुल मेट्रो लाइन 1,145 किलोमीटर हो गई है। सबसे पहले प्रहलादपुरा से पिंजरापोल मौशाला तक क्ट तैयार होगा।

एयरपोर्ट से वीकेआइ तक कनेक्टिविटी

मेट्रो फेज-2 के जरिए शहर के प्रमुख संस्थान सीधे जुड़ जाएंगे। एसएमएस अस्पताल, कलक्ट्रेट कोर्ट, सचिवालय, जयपुर एयरपोर्ट, नगर निगम और जेडीए तक आमजन की पहुंच बेहद आसान हो जाएगी। इससे मरीजों, कर्मचारियों और रोजाना आवागमन करने वालों को बड़ा फायदा मिलेगा।