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New Milk Plant : राजस्थान में 5 लाख लीटर की क्षमता का लगेगा नया दूध प्लांट, सहकारी संघ ने दी मंजूरी 

320 करोड़ रुपए की लागत से 5 लाख लीटर क्षमता वाले आधुनिक प्रसंस्करण प्लांट का भूमि पूजन जल्द किया जाएगा

 

अलवर की जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (सरस डेयरी) की 36वीं वार्षिक आमसभा चार वर्ष बाद चेयरमैन नितिन सांगवान की अध्यक्षता में हुई। इसमें वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक की ऑडिट रिपोर्ट, आक्षेप पूर्ति और अनुमोदन पर मंथन हुआ। साथ ही दूध संकलन वृद्धि, 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता विस्तार, 25 हजार लीटर प्रतिदिन आइसक्रीम तैयार करने वाला प्लांट और मूल्य संवर्धन परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

चेयरमैन ने कहा कि 320 करोड़ रुपए की लागत से 5 लाख लीटर क्षमता वाले आधुनिक प्रसंस्करण प्लांट का भूमि पूजन जल्द किया जाएगा। मिलावट में लिप्त कुछ समितियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, पेनल्टी लगाई गई है और कुछ समितियों को बंद भी किया गया है। समिति अध्यक्ष करण सिंह ने आरोप लगाया कि 12 नवंबर से दूध की जगह पानी को तोला जा रहा है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

डेयरी में ठेकेदारों को बाहर नहीं रोका गया, तो विरोध होगा। यह बोर्ड भ्रष्टाचार रोकने के लिए बनाया गया था, लेकिन भ्रष्टाचार बढ़ा रहा है। आमसभा में डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर उमाशंकर चौधरी, पूर्व अध्यक्ष रामफल गुर्जर, महेंद्र यादव, अजीत सिंह, शिवलाल मीणा, माया देवी, मीनाक्षी यादव, संजय कुमार मीणा, समय सिंह मीणा, अनिल नरूका, नज़मा, साहूनी, सतपाल यादव, करण सिंह यादव, प्रेम पटेल, श्रीनिवास, शिव सहाय सहित अनेक किसान मौजूद रहे।

सावधान रहें, बाजार में बिक रहा नकली सरस घी

अलवर. जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बाजारों में नकली सरस घी बिक रहा है। सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान का कहना है कि कुछ मिलावटखोर सरस का नकली मार्का लगाकर नकली घी बेच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अक्टूबर माह में विभिन्न इलाकों से लिए गए खाद्य सामग्री के सैंपलों में नकली मिले सरस के घी नमूने इस बात का प्रमाण हैं। ग्राहक सरस घी का खरीदारी करते समय सावधानी बरतें।

दूध का समय पर भुगतान नहीं होता है। हर महीने में तीन बार भुगतान होना चाहिए। गांवों से दूध में पानी नहीं मिलाया जाता है, लेकिन कर्मचारी दूध में पानी मिलते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। - बिमला देवी, निवासी मुंडजोड़ी

समिति के सदस्यों को भ्रमण कराना चाहिए। पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि देनी चाहिए। नकली घी पर भी नकेल कसनी चाहिए। दूध के दामों में इजाफा होना चाहिए। राजाराम चौधरी, निवासी बांबोली

किसानों को दूध के उचित रेट मिलने चाहिए। निर्विरोध चुनाव इसलिए किए गए थे कि किसानों को हर महीने 15 हजार रुपए की आमदनी हो सके, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। यहां सुकन्या स्कीम बंद है। इस स्कीम के जरिए कन्यादान 11 हजार रुपए दिए जाते थे। -रणमल, खुड़ियाना