Organic farming : उत्तराखंड की तर्ज पर राजस्थान में जैविक खेती विकास के लिए बनेगा बोर्ड
केमिकल युक्त कीटनाशकों के इस्तेमाल बिना खेती करने वालों को प्रोत्साहित करने और उनकी फसल को सही दाम दिलाने के उद्देश्य से अब राजस्थान में जैविक खेती बोर्ड बनाया जाएगा। यह बोर्ड उत्तराखंड में बनी जैविक उत्पाद परिषद् की तर्ज पर बनाया जाएगा। कृषि विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा है।
वहां से मंजूरी के बाद यह बोर्ड अस्तित्व में आ जाएगा। इसमें अध्यक्ष सहित विभागीय पदों का सूजन किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश में जैविक खेती को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। यह बोर्ड राज्य के जैविक उत्पादों की बाजार में पहुंच सुनिश्चित करेगा। किसानों को आउटलेट्स आवंटित किए जाएंगे। मेलों और प्रदर्शनी में भी उत्पाद बेचे जा सकेंगे। बोर्ड बनने के बाद प्रमाणीकरण संस्था से लेकर प्राकृतिक खेती मिशन को भी इसके साथ लाया जाएगा। फिलहाल ये दोनों अलग- अलग संचालित हो रहे हैं। बोर्ड किसानों को उनके खेतों को जैविक प्रमाणित करवाने में मदद करेगा।
बिना प्रमाण पत्र किसी उत्पाद को जैविक कहकर बेचने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। बिचौलियों की भूमिका कम करने के लिए बोर्ड निजी कंपनियों और निर्यातकों के साथ किसानों का सीधा संपर्क करवाएगा। यही नहीं, किसानों को जैविक खाद, कीटनाशक बनाने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के तरीके सिखाए जाएंगे।
इसी तरह परंपरागत कृषि विकास के अंतर्गत किसानों को जैविक खाद, बीज और कीटनाशक खरीदने के लिए सब्सिडी आसानी से मिलेगी। फिलहाल प्राकृतिक खेती के लिए प्रदेश के 41 जिलों में 1800 क्लस्टर तैयार किए गए हैं। ये सभी बोर्ड के दायरे में रहेंगे। प्रत्येक क्लस्टर में 125 किसानों को शामिल किया गया है। इस तरह करीब सवा दो लाख किसान इस बोर्ड से जुड़ेंगे।
इन सभी किसानों को अच्छे भाव दिलाने के लिए बोर्ड ऑर्गेनिक बाजार उपलब्ध कराएगा। इन सभी किसानों का जैविक प्रमाणीकरण भी बिना किसी फीस कराया जाएगा। 11 जिलों में 50-50 क्लस्टर बनाए गए हैं, जो सामूहिक रूप से 68750 किसानों को इस अभियान से जोड़ेंगे। वहीं, 12 जिलों में 40-40 क्लस्टर हैं, वहां से 60 हजार किसान केमिकल मुक्त खेती करेंगे। इसी तरह कई जिलों में 30 क्लस्टर बनाए हैं।
खेत में खाद बनाने के लिए पांच हजार रुपए का प्रोत्साहन दिया जाएगा। सबसे ज्यादा किसान पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर के ही हैं। बाड़मेर जिले में सर्वाधिक 11 हजार और जैसलमेर में 10 हजार किसान जैविक खेती से जुड़ेंगे। इस मिशन का हिस्सा बनेंगे। बीकानेर संभाग के 30 हजार किसानों को फायदा होगा। वहीं, अजमेर, जयपुर, नागौर, जोधपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, डूंगरपुर, दौसा, ब्यावर, डीडवाना-कुचामन और बालोतरा में 50-50 क्लस्टर, टॉक, सवाई माधोपुर, करौली, जालोर, पाली, प्रतापगढ़ व भीलवाड़ा सहित 12 जिलों में 40-40 क्लस्टर बनाए गए हैं।
बोर्ड में राजनीतिक नियुक्ति भी हो सकेगी
बोर्ड में राजनीतिक नियुक्ति भी हो सकेगी राजस्थान किसान आयोग की तरह जैविक खेती बोर्ड का अध्यक्ष राजनेता भी बन सकेगा। हालांकि यह सरकार तय करेगी। तब तक विभागीय शासन सचिव ही अध्यक्ष रहेंगे। प्रदेश में संवैधानिक, शैक्षणिक, प्रशासनिक आयोग-बोर्ड-अथॉरिटी की संख्या 104 हैं। अधिकांश में राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। अब तक 9 बोर्ड-आयोगों में नियुक्तियां हो चुकी हैं।